28 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Donald Trump ने कहा है कि United States अभी Iran के साथ चल रही वार्ताओं से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब Middle East में तनाव, ceasefire प्रयास और Strait of Hormuz को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है।
White House cabinet meeting के दौरान Trump ने कहा कि Iran “बहुत ज्यादा deal करना चाहता है”, लेकिन अब तक बातचीत किसी स्वीकार्य परिणाम तक नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा, “हम अभी इससे संतुष्ट नहीं हैं।”
Trump ने यह भी संकेत दिया कि यदि diplomatic negotiations सफल नहीं होतीं, तो America “finish the job” करने पर मजबूर हो सकता है। इस बयान को analysts ने Tehran पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बताया।
हाल के दिनों में Iranian state media ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक framework draft तैयार हो चुका है। हालांकि White House ने इस दावे को “fabrication” बताते हुए खारिज कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, negotiations में Strait of Hormuz को दोबारा पूरी तरह खोलने, uranium enrichment limits, sanctions relief और regional security जैसे मुद्दे शामिल हैं।
Trump ने साफ किया कि Washington Iran को sanctions relief देने के पक्ष में नहीं है, खासकर highly enriched uranium के मुद्दे पर। उन्होंने कहा कि Tehran को concessions दिए बिना U.S. अपने strategic interests से समझौता नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया बातचीत में progress जरूर हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अब भी कई अहम मुद्दों पर सहमत नहीं हैं।
Middle East observers के अनुसार, Strait of Hormuz वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है क्योंकि दुनिया की बड़ी oil supply इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। किसी भी तनाव का असर global energy markets पर तुरंत पड़ता है।
Trump ने cabinet meeting में कहा कि Strait of Hormuz “सबके लिए खुला” होना चाहिए और कोई भी देश इसे नियंत्रित नहीं कर सकता।
इस बीच Iran की ओर से भी mixed signals सामने आए हैं। कुछ Iranian media outlets ने दावा किया कि agreement करीब है, जबकि Iranian negotiators से जुड़े सूत्रों ने कहा कि कई मुद्दे अब भी unresolved हैं।
Political analysts का कहना है कि Trump administration public pressure tactics का इस्तेमाल कर Iran से ज्यादा concessions हासिल करने की कोशिश कर रही है।
हाल के महीनों में U.S.-Iran tensions ने global markets को भी प्रभावित किया है। Oil prices में भारी volatility देखने को मिली है और shipping industry पर भी असर पड़ा है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती उम्मीदों के बीच oil prices में गिरावट भी देखी गई क्योंकि investors को लगा कि संभावित agreement से Hormuz shipping route फिर सामान्य हो सकता है।
हालांकि military tensions अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। हालिया reports में American strikes, Iranian drone activity और naval blockade से जुड़े घटनाक्रम भी सामने आए हैं।
Secretary of State Marco Rubio ने भी कहा कि talks में “कुछ प्रगति” हुई है, लेकिन military options अभी भी मेज पर मौजूद हैं।
International observers का मानना है कि यदि deal सफल होती है, तो इससे global oil supply, inflation concerns और regional stability को राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर, failure की स्थिति में Middle East में तनाव फिर बढ़ सकता है, जिसका असर global economy पर भी पड़ेगा।
कुल मिलाकर, Trump के बयान से यह साफ संकेत मिला है कि U.S.-Iran negotiations अभी निर्णायक मोड़ पर हैं। दोनों पक्ष बातचीत जारी रखे हुए हैं, लेकिन Washington फिलहाल मौजूदा प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं दिख रहा।
