22 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मानसून के आगमन से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए तैयारियों की समीक्षा की है। स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निगरानी, जांच, उपचार सुविधाओं और जागरूकता अभियानों की स्थिति का आकलन किया।
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव और ठहरे हुए पानी के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है, जिससे डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते सावधानी बरतकर इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
परिवारों के लिए जरूरी Do’s
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकियों, कूलर और बर्तनों को ढककर रखें।
- सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के कंटेनरों को साफ करें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें, खासकर सुबह और शाम के समय।
- मच्छरदानी, रिपेलेंट और मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें।
- बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।
क्या न करें (Don’ts)
- घर के आसपास पुराने टायर, डिब्बे या अन्य वस्तुओं में पानी जमा न होने दें।
- बुखार होने पर स्वयं दवा लेने से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक उपयोग न करें।
- बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
- उपचार में देरी न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं। वहीं मलेरिया में ठंड लगना, बुखार आना और अत्यधिक पसीना आना सामान्य लक्षण माने जाते हैं।
मंत्रालय ने राज्यों को पर्याप्त दवाएं, जांच किट और अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही स्थानीय निकायों को सफाई अभियान तेज करने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि परिवार और स्थानीय समुदाय मिलकर रोकथाम के उपाय अपनाएं, तो संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
