6 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि वेस्टर्न डाइट (अधिक वसा, चीनी और प्रोसेस्ड फूड से भरपूर आहार) आंतों में मौजूद गट बैक्टीरिया (Gut Microbiome) को प्रभावित कर कोलन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, अस्वास्थ्यकर खान-पान से आंतों में लाभकारी और हानिकारक बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। यह बदलाव सूजन (Inflammation) बढ़ाने और कोशिकाओं में ऐसे परिवर्तन पैदा करने में भूमिका निभा सकता है, जो आगे चलकर कोलन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
अध्ययन में बताया गया कि फाइबर की कमी और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन गट माइक्रोबायोम की विविधता को कम कर सकता है। इसके विपरीत, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर आहार आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह अध्ययन आहार, गट बैक्टीरिया और कैंसर के बीच संभावित संबंध को दर्शाता है। इससे सीधे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि केवल वेस्टर्न डाइट ही कोलन कैंसर का कारण बनती है। इस संबंध को पूरी तरह समझने के लिए और शोध की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों ने संतुलित आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने और लंबे समय तक प्रोसेस्ड फूड के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी है, ताकि आंतों के स्वास्थ्य और कैंसर के जोखिम को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
