Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

13  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  2026 फीफा विश्व कप के दौरान सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि टूर्नामेंट को अर्जेंटीना और उसके कप्तान Lionel Messi के पक्ष में “फिक्स” किया गया है। इन दावों में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) के फैसलों को आधार बनाकर सवाल उठाए गए।

हालांकि उपलब्ध VAR आंकड़ों और मैच विश्लेषण से ऐसे दावों की पुष्टि नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि VAR का उद्देश्य रेफरी की स्पष्ट और गंभीर गलतियों को सुधारना है। इसका उपयोग सभी टीमों के लिए एक समान नियमों के तहत किया जाता है।

टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना के मैचों में VAR ने कुछ फैसलों की समीक्षा की, लेकिन इसी तरह अन्य टीमों के मुकाबलों में भी पेनल्टी, ऑफसाइड, रेड कार्ड और गोल से जुड़े कई निर्णय VAR की मदद से लिए गए।

फुटबॉल विश्लेषकों के अनुसार, केवल VAR हस्तक्षेप की संख्या के आधार पर किसी टीम को विशेष लाभ मिलने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। हर समीक्षा मैच की परिस्थितियों और खेल के नियमों के अनुसार की जाती है।

अब तक किसी भी आधिकारिक जांच, FIFA या स्वतंत्र संस्था ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि 2026 विश्व कप में अर्जेंटीना के पक्ष में रेफरिंग या VAR का सुनियोजित दुरुपयोग हुआ। इसलिए टूर्नामेंट के “फिक्स” होने के दावों का समर्थन करने वाला कोई ठोस सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल पोस्ट और अधूरी क्लिप्स के बजाय आधिकारिक मैच रिपोर्ट, VAR रिकॉर्ड और रेफरी के निर्णयों का पूरा संदर्भ देखकर ही निष्कर्ष निकालना चाहिए।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *