13  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  मानसून के मौसम में बढ़ी हुई नमी (Humidity) और तापमान में उतार-चढ़ाव इंसुलिन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित लोगों को इस मौसम में इंसुलिन के भंडारण (Storage) पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंसुलिन को अत्यधिक गर्मी, सीधी धूप और अधिक नमी से बचाकर रखना चाहिए। यदि इंसुलिन गलत तापमान पर लंबे समय तक रखा जाए, तो उसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है, जिससे रक्त शर्करा (Blood Sugar) को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।

मानसून में इंसुलिन स्टोर करते समय इन गलतियों से बचें:

  • इंसुलिन को सीधे धूप या गर्म स्थान पर न रखें।
  • इंसुलिन को फ्रीजर में न रखें और उसे जमने न दें।
  • लंबे समय तक इंसुलिन को कार या बंद वाहन में न छोड़ें।
  • उपयोग में आ रही इंसुलिन पेन या वायल को निर्माता के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित तापमान पर रखें।
  • एक्सपायरी डेट और इंसुलिन के रंग या बनावट में बदलाव पर ध्यान दें। यदि इंसुलिन धुंधली दिखे (जबकि वह सामान्यतः साफ होनी चाहिए) या उसमें कण दिखाई दें, तो उसका उपयोग न करें।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बिजली कटौती की स्थिति में इंसुलिन को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए इंसुलेटेड मेडिकल कूल बैग का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इंसुलिन को सीधे बर्फ के संपर्क में नहीं रखना चाहिए।

यदि इंसुलिन के खराब होने की आशंका हो या ब्लड शुगर बार-बार असामान्य रहे, तो स्वयं निर्णय लेने के बजाय अपने डॉक्टर या डायबिटीज़ विशेषज्ञ से सलाह लें।

Bharat Baani Bureau

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