6 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय रुपया मंगलवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे की गिरावट के साथ 95.17 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर की मजबूती का असर रुपये पर देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक वित्तीय बाजारों का रुख रुपये की चाल को प्रभावित कर रहा है। मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है।
विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार की चाल, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो रुपये में आगे उतार-चढ़ाव सीमित रह सकता है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के आर्थिक आंकड़े, वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेत और कच्चे तेल की कीमतें रुपये की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
