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3 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब की राजनीति में कथित 5 करोड़ रुपये की रिश्वत से जुड़े विवाद के बीच लेखक और निर्देशक सिमरनजीत सिंह हुंदल ने एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। हुंदल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से कभी मुलाकात नहीं की और किसी मामले को सुलझाने या किसी आरोपी की रिहाई के लिए कभी रिश्वत की पेशकश नहीं की।

हुंदल का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा सार्वजनिक किए गए कथित व्हाट्सऐप और फोन बातचीत के बाद पंजाब में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मजीठिया ने इन कथित रिकॉर्डिंग्स को आधार बनाकर मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

हुंदल ने आरोपों से किया इनकार

गुरुवार को जारी वीडियो में हुंदल ने कहा कि राजनेता अपने स्तर पर राजनीति करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें इस विवाद में घसीटने से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनका नाम लगातार इन आरोपों से जोड़ा गया तो वह कानूनी कार्रवाई का सहारा ले सकते हैं।

हुंदल का नाम इस विवाद में इसलिए आया क्योंकि मजीठिया ने दावा किया था कि कथित बातचीत में जिस व्यक्ति की आवाज सुनाई दे रही है, वह सिमरनजीत हुंदल हैं। मजीठिया के अनुसार, बातचीत में एक कथित बिचौलिए द्वारा करीब 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।

मामला मोहाली के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बलात्कार के आरोपी गुरिंदर सिंह उर्फ ​​गुरी चहल से जुड़ा बताया जा रहा है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि रकम के जरिए मामले और पुलिस जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

मजीठिया ने CBI जांच की मांग की

SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित ऑडियो क्लिप और अन्य सामग्री सार्वजनिक की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े एक व्यक्ति ने आरोपी से मामले को “सेटल” करने के लिए बड़ी रकम मांगी।

मजीठिया ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए CBI जांच कराने या हाई कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। SAD नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी मिलने वाला था। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और सिकंदर सिंह मलूका शामिल थे।

SAD का आरोप है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित बातचीत और पैसे की मांग के पीछे कौन लोग थे और क्या किसी सरकारी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की इसमें भूमिका थी।

AAP ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने SAD पर “छोटी राजनीति” करने और बिना पर्याप्त सबूत के कहानियां गढ़ने का आरोप लगाया। पार्टी ने विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर भी पहले इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों को अपने दावों को साबित करने की चुनौती दी थी और कहा था कि यदि आरोप साबित नहीं किए गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह ने भी इस कथित 5 करोड़ रुपये की मांग से संबंधित आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी थी।

राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब में राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लगातार गंभीर आरोप लगा रहे हैं। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री कार्यालय और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

कांग्रेस, BJP और SAD सहित विपक्षी दलों ने पहले भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि यदि आरोपों में किसी प्रकार की सच्चाई है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। दूसरी ओर, AAP आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज कर रही है।

हुंदल के बयान से नया मोड़

सिमरनजीत हुंदल द्वारा जारी वीडियो ने मामले में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां मजीठिया कथित बातचीत में हुंदल की भूमिका होने का दावा कर रहे हैं, वहीं हुंदल ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी से कभी मुलाकात नहीं की और किसी रिश्वत की पेशकश नहीं की।

अब इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण सवाल कथित बातचीत की वास्तविकता, उसमें शामिल लोगों की पहचान और आरोपों की स्वतंत्र जांच से जुड़े हैं। यदि किसी जांच एजेंसी द्वारा मामले की जांच की जाती है, तो कथित रिकॉर्डिंग्स और अन्य उपलब्ध सामग्री की सत्यता की जांच महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल सिमरनजीत हुंदल ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से स्पष्ट रूप से दूरी बना ली है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, SAD इस मामले में CBI जांच की मांग पर कायम है, जबकि AAP विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हमला बता रही है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

Bharat Baani Bureau

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