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4 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को अपनी Most Wanted Fraudsters List में शामिल किया है। बेदी पर अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना Supplemental Nutrition Assistance Program (SNAP) में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इस कथित योजना से अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ।

FBI का कहना है कि बेदी ने वॉशिंगटन राज्य के टाकोमा में एक किराना स्टोर चलाया, जहां SNAP लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड स्वीकार किए जाते थे। आरोप है कि बेदी ने खाद्य सामग्री बेचने के बजाय लाभार्थियों के कार्ड स्वाइप कर उन्हें नकद रकम दी और लेनदेन की राशि का लगभग आधा हिस्सा अपने पास रख लिया।

मार्च 2024 से जून 2025 तक कथित धोखाधड़ी

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बेदी का स्टोर फरवरी 2024 में SNAP लाभ स्वीकार करने के लिए अधिकृत हुआ था। अभियोग में आरोप लगाया गया है कि मार्च 2024 से बेदी ने SNAP लाभार्थियों को उनके EBT कार्ड में मौजूद राशि के बदले नकद देने की व्यवस्था शुरू की।

उदाहरण के तौर पर, अभियोग के मुताबिक यदि किसी लाभार्थी के कार्ड से 200 डॉलर का SNAP लेनदेन किया जाता था, तो उसे केवल 100 डॉलर नकद दिए जाते थे और बाकी 100 डॉलर कथित तौर पर बेदी अपने लाभ के रूप में रखता था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि इस तरीके से कम से कम 6 लाख डॉलर के SNAP लाभ ऐसी खाद्य सामग्री के लिए इस्तेमाल हुए जो वास्तव में बेची ही नहीं गई थी।

SNAP अमेरिका की एक संघीय खाद्य सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य पात्र कम आय वाले लोगों और परिवारों को भोजन खरीदने में सहायता देना है। इसके लाभ आमतौर पर EBT कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं और इन्हें पात्र खाद्य वस्तुओं की खरीद के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

वायर फ्रॉड और SNAP फ्रॉड के आरोप

बेदी के खिलाफ अमेरिकी अधिकारियों ने wire fraud और SNAP benefit fraud सहित कई आरोप लगाए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इन आरोपों में दोष सिद्ध होने पर प्रत्येक अपराध के लिए अधिकतम 20 साल तक की जेल और 2.5 लाख डॉलर तक के जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।

अप्रैल 2026 में बेदी को संघीय अदालत में पेश किया गया था। न्याय विभाग के अनुसार, उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। अदालत ने उन्हें मुकदमे से पहले हिरासत में लेने के बजाय कुछ शर्तों पर बाहर रहने की अनुमति दी थी।

पासपोर्ट जमा करने और वॉशिंगटन में रहने का आदेश

अदालत ने बेदी को अपना पासपोर्ट जमा करने और वॉशिंगटन राज्य में ही रहने का आदेश दिया था। लेकिन FBI के अनुसार, बाद में उन्होंने अमेरिका छोड़ने के लिए इन शर्तों का उल्लंघन किया।

अधिकारियों का आरोप है कि बेदी पहले अमेरिका-कनाडा सीमा पार कर कनाडा पहुंचे और वहां से आगे भारत चले गए। FBI का मानना है कि वह फिलहाल भारत में हो सकते हैं।

इन परिस्थितियों के बाद 21 मई 2026 को वॉशिंगटन के Western District की अमेरिकी जिला अदालत ने उनके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह वारंट अदालत द्वारा लगाई गई रिहाई की शर्तों के कथित उल्लंघन के बाद जारी किया गया।

FBI ने रखा 1.5 लाख डॉलर का इनाम

बेदी की तलाश के लिए FBI ने 150,000 अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। एजेंसी ऐसे व्यक्ति से जानकारी चाहती है जो बेदी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि तक पहुंचाने में मदद कर सके।

FBI ने अपनी Most Wanted Fraudsters List में बेदी की जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर के SNAP फंड का कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने वाली योजना में वांछित हैं। एजेंसी ने लोगों से बेदी के ठिकाने से संबंधित विश्वसनीय जानकारी साझा करने की अपील की है।

जांच में कई अमेरिकी एजेंसियां शामिल

मामले की जांच केवल FBI तक सीमित नहीं है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, जांच में US Department of Agriculture Office of Inspector General (USDA-OIG), FBI और Washington State Department of Social and Health Services (DSHS) शामिल रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य SNAP लाभों के कथित दुरुपयोग और उससे हुए वित्तीय नुकसान का पता लगाना है। संघीय अभियोजकों ने कहा है कि सरकारी सहायता की रकम में धोखाधड़ी से उन लोगों के लिए उपलब्ध संसाधन प्रभावित होते हैं जिन्हें वास्तव में खाद्य सहायता की जरूरत है।

भारत में होने की आशंका से बढ़ी चुनौती

बेदी के भारत भागने के आरोप के बाद अमेरिकी अधिकारियों के लिए उन्हें वापस लाना एक अतिरिक्त चुनौती बन गया है। अमेरिका ने उनकी जानकारी सार्वजनिक कर दी है और इनाम की घोषणा के जरिए उनके ठिकाने का पता लगाने की कोशिश तेज कर दी है।

यह मामला अमेरिका में सरकारी कल्याण योजनाओं में धोखाधड़ी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सामने आया है। SNAP जैसी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को भोजन खरीदने में सहायता देना है, इसलिए इनके दुरुपयोग को संघीय अधिकारी गंभीर वित्तीय अपराध के रूप में देखते हैं।

फिलहाल बेदी के खिलाफ लगे आरोप अदालती आरोप हैं और अभी सिद्ध नहीं हुए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग भी स्पष्ट करता है कि अभियोग में लगाए गए आरोप केवल आरोप हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है।

FBI की कार्रवाई के बाद अब मंजीत सिंह बेदी की तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। अमेरिकी एजेंसी की नजर उनके संभावित भारत स्थित ठिकाने पर है, जबकि 1.5 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा के बाद मामले में नई जानकारी सामने आने की संभावना बढ़ गई है।

Bharat Baani Bureau

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