कनाडा में पंजाबी मूल के एक हाई-प्रोफाइल पुलिस अधिकारी पर धोखाधड़ी, चोरी और सरकारी पद के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वैंकूवर पुलिस विभाग (VPD) के अनुभवी कांस्टेबल और Surrey स्थित KidsPlay Foundation के संस्थापक एवं CEO कलविंदर “Kal” दोसांझ के खिलाफ कुल नौ आपराधिक आरोप दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई उनकी अपनी पुलिस एजेंसी द्वारा की गई करीब ढाई साल लंबी गुप्त जांच के बाद हुई है।
ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने आरोपों की पुष्टि की है। 50 वर्षीय दोसांझ पर 5,000 कनाडाई डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के चार आरोप, 5,000 डॉलर से अधिक की चोरी के चार आरोप और एक सरकारी अधिकारी द्वारा विश्वास के उल्लंघन (breach of trust) का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में 51 वर्षीय सरबजीत सिंह गिल को भी सह-आरोपी बनाया गया है। गिल पर धोखाधड़ी और चोरी से जुड़े छह आरोप हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक कथित अपराध 8 दिसंबर 2017 से 25 जुलाई 2025 के बीच वैंकूवर, Surrey और ब्रिटिश कोलंबिया के अन्य स्थानों पर हुए।
25 साल से अधिक समय से पुलिस विभाग में सेवा
कलविंदर दोसांझ ने वैंकूवर पुलिस विभाग में 25 साल से अधिक समय तक सेवा की है। अपने लंबे पुलिस करियर के दौरान वह वित्तीय अपराध इकाई (Financial Crimes Unit) में वरिष्ठ जासूस के रूप में भी काम कर चुके हैं।
उनकी पुलिस सेवा के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी पहचान रही है। दोसांझ ने वर्ष 2015 में KidsPlay Youth Foundation की स्थापना की थी। संस्था का उद्देश्य जोखिम वाले और कमजोर परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को खेल, कैंप और मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से नशे, गैंग और अपराध से दूर रखना बताया गया है।
दोसांझ ने वैंकूवर के Downtown Eastside इलाके में पेट्रोल अधिकारी के रूप में काम करने के दौरान बच्चों और युवाओं से जुड़ी कई सामाजिक चुनौतियों को करीब से देखा था। इसी अनुभव के बाद उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए KidsPlay Foundation शुरू की।
Surrey में किया गया गिरफ्तार
कनाडाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोसांझ को गुरुवार सुबह Surrey स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके घर के साथ-साथ KidsPlay Foundation के कार्यालयों की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कई बक्सों में सामग्री और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
वैंकूवर पुलिस विभाग ने बताया कि मामले की जांच लगभग 2.5 वर्षों तक गुप्त रूप से की गई। विभाग ने इस मामले को लेकर शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें Chief Constable Steve Rai और जांच का नेतृत्व करने वाले Superintendent Mike Ritchie अधिक जानकारी दे सकते हैं।
पुलिस अधिकारी पर अपने ही विभाग की जांच
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जांच दोसांझ के अपने ही पुलिस विभाग ने की। सामान्य तौर पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों में जांच की निष्पक्षता और संभावित हितों के टकराव को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों की भूमिका की गहन जांच करती हैं।
दोसांझ के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए पुलिस जांच में कथित वित्तीय लेनदेन और उनके पद से जुड़े किसी संभावित प्रभाव की भी पड़ताल की जा सकती है।
वकीलों ने आरोपों से किया इनकार
दोसांझ के वकीलों ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनके कानूनी प्रतिनिधियों के अनुसार, दोसांझ ने कोई अपराध नहीं किया है और वह किसी भी गलत काम के लिए दोषी नहीं हैं।
उनके वकीलों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ आरोप लगना अपने आप में अपराध या दोष साबित नहीं करता। अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है।
KidsPlay Foundation की भूमिका पर भी नजर
दोसांझ के खिलाफ मामले में उनकी सामाजिक संस्था का नाम सामने आने से KidsPlay Foundation की गतिविधियों पर भी सार्वजनिक ध्यान गया है। संस्था की स्थापना बच्चों और युवाओं को अपराध से दूर रखने के उद्देश्य से की गई थी और यह खेल तथा mentorship कार्यक्रम चलाने के लिए जानी जाती है।
पुलिस द्वारा संस्था के कार्यालय की तलाशी लिए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचकर्ता संगठन से जुड़े दस्तावेजों या गतिविधियों की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्थापित नहीं किया गया है कि संस्था स्वयं किसी अपराध में शामिल है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण
अब मामले में अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अभियोजन पक्ष को लगाए गए आरोपों को अदालत में सबूतों के आधार पर साबित करना होगा। दूसरी ओर, दोसांझ और उनके सह-आरोपी को अपने बचाव का पूरा कानूनी अधिकार रहेगा।
मामले की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि कथित धोखाधड़ी और चोरी में किन लोगों की भूमिका थी, कथित वित्तीय नुकसान कितना था और क्या सरकारी पद का किसी प्रकार से दुरुपयोग किया गया था।
कलविंदर “Kal” दोसांझ का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह लंबे समय से वैंकूवर पुलिस विभाग से जुड़े रहे हैं और पंजाबी समुदाय में भी उनकी सार्वजनिक पहचान रही है। उनके पुलिस करियर और KidsPlay Foundation के सामाजिक कार्यों के कारण वह स्थानीय स्तर पर एक जाने-पहचाने नाम रहे हैं।
फिलहाल उन पर लगे सभी आरोप अदालती आरोप हैं और सिद्ध नहीं हुए हैं। आने वाली सुनवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले सबूत ही यह तय करेंगे कि अभियोजन पक्ष के आरोप कितने मजबूत हैं। कनाडा की न्याय व्यवस्था के तहत अदालत के अंतिम निर्णय तक दोसांझ और सह-आरोपी को निर्दोष माना जाएगा।
