11 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): चीनी के विकल्प के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे जीरो-कैलोरी स्वीटनर जाइलिटोल (Xylitol) को लेकर एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। शोधकर्ताओं ने जाइलिटोल के अधिक स्तर और हृदय संबंधी गंभीर घटनाओं, खासकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक, के बीच संभावित संबंध पाया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अध्ययन से अभी यह साबित नहीं होता कि जाइलिटोल सीधे तौर पर इन बीमारियों का कारण बनता है।
जाइलिटोल एक शुगर अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल कई प्रकार के शुगर-फ्री और लो-शुगर उत्पादों में किया जाता है। यह च्यूइंग गम, कैंडी, माउथवॉश, टूथपेस्ट और कुछ कम कैलोरी वाले खाद्य उत्पादों में भी पाया जाता है। इसका स्वाद चीनी जैसा होता है, लेकिन इसमें सामान्य चीनी की तुलना में कम कैलोरी होती है। इसी वजह से इसे वजन नियंत्रित करने और ब्लड शुगर कम रखने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच लोकप्रियता मिली है।
खून में जाइलिटोल का बढ़ा स्तर बना चिंता का कारण
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के रक्त में जाइलिटोल का स्तर अधिक था, उनमें हृदय संबंधी गंभीर घटनाओं का जोखिम अधिक दिखाई दिया। अध्ययन में जाइलिटोल और प्लेटलेट्स की गतिविधि के बीच संभावित संबंध पर भी ध्यान दिया गया। प्लेटलेट्स रक्त के थक्के बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि प्लेटलेट्स जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे थक्के यदि हृदय तक जाने वाली रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करें तो हार्ट अटैक और यदि मस्तिष्क की रक्त आपूर्ति प्रभावित हो तो स्ट्रोक हो सकता है।
हालांकि यह समझना महत्वपूर्ण है कि अध्ययन में पाया गया संबंध कारण और परिणाम का अंतिम प्रमाण नहीं है। यानी केवल इस आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि जाइलिटोल खाने या पीने से किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से हार्ट अटैक या स्ट्रोक होगा।
जाइलिटोल आखिर इतना लोकप्रिय क्यों है?
पिछले कुछ वर्षों में चीनी के विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ी है। मोटापा, डायबिटीज और कैलोरी कम करने को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच लोग अपने भोजन और पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा घटाने की कोशिश कर रहे हैं।
जाइलिटोल इसी बाजार का हिस्सा है। यह सामान्य चीनी की तुलना में कम कैलोरी प्रदान करता है और इसका स्वाद चीनी के काफी करीब होता है। इसके अलावा, इसका इस्तेमाल दांतों की देखभाल से जुड़े कई उत्पादों में भी किया जाता है।
यही वजह है कि किसी संभावित हृदय जोखिम की खबर महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक किसी स्वीटनर के स्वास्थ्य प्रभाव का आकलन केवल एक अध्ययन के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
क्या जाइलिटोल तुरंत छोड़ देना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अध्ययन के आधार पर आम लोगों को घबराने या डॉक्टर की सलाह के बिना अपने भोजन में अचानक बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है। शोध अभी यह स्पष्ट नहीं करता कि सामान्य मात्रा में जाइलिटोल का सेवन लंबे समय में हृदय संबंधी घटनाओं का कारण बनता है या नहीं।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि जाइलिटोल शरीर में प्राकृतिक रूप से भी पाया जाता है। शरीर कुछ मात्रा में इसे स्वयं बनाता है। समस्या और चिंता मुख्य रूप से उस अतिरिक्त मात्रा को लेकर है जो कुछ खाद्य पदार्थों और स्वीटनर उत्पादों के जरिए शरीर में पहुंच सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, स्ट्रोक, रक्त के थक्के बनने की समस्या या अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हैं, उन्हें किसी भी प्रकार के स्वीटनर या सप्लीमेंट का नियमित और अधिक सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल “जीरो-कैलोरी” या “शुगर-फ्री” लिखे होने का मतलब यह नहीं है कि कोई उत्पाद हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह जोखिम-मुक्त है। किसी भी खाद्य पदार्थ की मात्रा, व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पूरे आहार का पैटर्न महत्वपूर्ण होता है।
शोध का संदेश क्या है?
जाइलिटोल को लेकर सामने आए निष्कर्षों ने वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या लंबे समय तक बड़ी मात्रा में कुछ शुगर अल्कोहल का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है?
इस सवाल का स्पष्ट जवाब पाने के लिए बड़े और लंबे समय तक चलने वाले मानव अध्ययनों की जरूरत होगी। तब तक जाइलिटोल को लेकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना बेहतर है। इसे न तो बिना सोचे-समझे पूरी तरह सुरक्षित मानना चाहिए और न ही मौजूदा शोध के आधार पर इसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का निश्चित कारण घोषित करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल चीनी के विकल्प पर ध्यान देने के बजाय संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, धूम्रपान से दूरी और रक्तचाप व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
