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15 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): अमेरिका ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया है कि पनामा-फ्लैग वाला तेल टैंकर El Gaia हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि टैंकर किसी समुद्री सुरंग से नहीं टकराया, बल्कि उसे ईरानी सेना ने दो बार निशाना बनाया

CENTCOM ने सोशल मीडिया पर ईरान के इस दावे को “झूठा” बताते हुए कहा कि El Gaia पर पिछले महीने ईरानी मिसाइल से हमला किया गया था, जिसके बाद जहाज काम करने की स्थिति में नहीं रहा। इसके बाद सप्ताहांत में ओमान के तट के पास ईरान ने ड्रोन के जरिए एक बार फिर टैंकर को निशाना बनाया। अमेरिकी कमान के मुताबिक, फिलहाल टैंकर को क्षेत्रीय साझेदार की मदद से खींचकर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाया जा रहा है।

IRGC ने क्या दावा किया था?

अमेरिकी बयान से पहले ईरान के सरकारी मीडिया संगठन Fars News Agency ने IRGC के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया। रिपोर्ट के अनुसार, टक्कर के बाद जहाज में विस्फोट हुआ और आग लग गई।

ईरानी मीडिया ने इस जहाज की पहचान पनामा के झंडे वाले El Gaia के रूप में की थी। ईरानी पक्ष की रिपोर्ट में घटना को समुद्री सुरंग से जुड़ी दुर्घटना के तौर पर पेश किया गया, जबकि अमेरिका ने इसे ईरानी हमले का परिणाम बताया है।

दोनों पक्षों के दावों में इस अंतर ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

अमेरिका ने कहा—दो अलग-अलग हमले हुए

CENTCOM के मुताबिक, El Gaia को पिछले महीने ईरानी मिसाइल से निशाना बनाया गया था। इस हमले के कारण टैंकर संचालन में असमर्थ हो गया था।

अमेरिकी कमान ने कहा कि सप्ताहांत में ईरान ने जहाज पर दोबारा हमला किया, इस बार ड्रोन के जरिए। यह हमला ओमान के तट के पास हुआ। इसके बाद टैंकर को क्षेत्रीय साझेदार द्वारा टो किया जा रहा है।

अमेरिका ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को डराना और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में आवाजाही को बाधित करना है।

14 भारतीय क्रू सदस्य थे सवार

इस घटना का भारत से भी सीधा संबंध है। El Gaia पर कुल 14 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से 13 भारतीयों को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक की तलाश जारी थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पहले ही गंभीर रूप से प्रभावित है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी भारत की चिंता बढ़ी है, क्योंकि क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां और समुद्री हमले हो रहे हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से की आवाजाही इसी संकरे समुद्री रास्ते से होती है।

ऐसे में किसी तेल टैंकर पर हमला या समुद्री सुरंग की मौजूदगी की खबर वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए गंभीर चिंता पैदा करती है। जहाजों की आवाजाही में रुकावट आने से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

मार्च से बढ़ा है समुद्री तनाव

अमेरिकी पक्ष के अनुसार, ईरान ने मार्च में हॉर्मुज से होकर होने वाली समुद्री आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए थे। यह घटनाक्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू हुए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया।

इसके बाद हॉर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में तेल टैंकरों तथा अन्य वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गई है।

आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ी कूटनीतिक तल्खी

El Gaia घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। अमेरिका जहां इसे ईरानी हमले का मामला बता रहा है, वहीं ईरानी पक्ष ने जहाज के बारूदी सुरंग से टकराने की बात कही है।

CENTCOM ने IRGC के दावे को केवल खारिज ही नहीं किया, बल्कि इसे ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ संभावित कूटनीतिक बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं, समुद्री क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं किसी भी वार्ता प्रक्रिया को और जटिल बना सकती हैं।

भारतीय क्रू की सुरक्षा पर भी नजर

El Gaia पर सवार भारतीय नागरिकों की स्थिति भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 13 भारतीयों के सुरक्षित बचाए जाने के बाद अब ध्यान उस एक भारतीय क्रू सदस्य की तलाश पर है, जिसके बारे में उपलब्ध रिपोर्टों में कहा गया है कि उसका पता नहीं चल पाया है।

घटना यह भी बताती है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नाविकों सहित विभिन्न देशों के समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा भी सीधे प्रभावित हो रही है।

फिलहाल El Gaia को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। अमेरिकी CENTCOM का कहना है कि टैंकर को ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया, जबकि ईरानी IRGC ने इसे नौसैनिक बारूदी सुरंग से जुड़ी घटना बताया है। आगे की जांच और उपलब्ध होने वाले सबूत ही इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट कर पाएंगे।

Bharat Baani Bureau

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