15 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): अमेरिका ने रूस के प्रमुख सरकारी बैंक VTB Bank पर ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आरोप लगाया है कि VTB ने ईरान को पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने में मदद की और प्रतिबंधित ईरानी बैंकों के साथ वित्तीय संबंध स्थापित कर ऐसे चैनल तैयार किए, जिनका इस्तेमाल दोनों देशों के बीच व्यापार और वित्तीय लेनदेन को आगे बढ़ाने में किया जा सकता था।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की कार्रवाई “Operation Economic Outcast” के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान के लिए वित्तीय सहायता, तेल राजस्व और प्रतिबंधों से बचने के रास्ते उपलब्ध कराने वाले विदेशी संस्थानों पर दबाव बढ़ाना है।
VTB पर क्या हैं अमेरिका के आरोप?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, VTB ने पिछले कुछ वर्षों में ईरान में अपनी मौजूदगी बढ़ाई और वहां वित्तीय गतिविधियों को मजबूत करने के लिए स्थानीय तथा प्रतिबंधित ईरानी वित्तीय संस्थानों के साथ संबंध बनाए।
ट्रेजरी विभाग का कहना है कि बैंक ने प्रतिबंधित ईरानी बैंकों के साथ correspondent banking relationships स्थापित किए और ईरान तथा रूस के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए वित्तीय ढांचे तैयार किए। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि VTB ने अरबों डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को स्थानांतरित करने के प्रयासों में भूमिका निभाई।
इसके अलावा, VTB ने ईरानी रियाल और रूबल में खातों पर आधारित एक सेटलमेंट व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम उठाए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर अधिक आसानी से संचालित करना था।
VTB पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में
VTB के खिलाफ यह पहली अमेरिकी कार्रवाई नहीं है। रूस के यूक्रेन में कार्रवाई के बाद बैंक पर पहले से ही कई अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं।
अमेरिका ने 2014 में रूस के यूक्रेन संबंधी कदमों के बाद VTB पर सेक्टोरल प्रतिबंध लगाए थे। फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद VTB को अमेरिकी ब्लॉकिंग प्रतिबंधों के दायरे में भी डाल दिया गया था।
नई कार्रवाई की खास बात यह है कि इस बार बैंक को ईरान के वित्तीय क्षेत्र से संबंधित गतिविधियों के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है। इससे VTB के साथ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लेनदेन पर अतिरिक्त जोखिम पैदा हो सकता है।
विदेशी बैंकों को भी अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी ट्रेजरी ने केवल VTB को निशाना नहीं बनाया है, बल्कि उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को भी चेतावनी दी है जो ईरान से जुड़े प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका उन संस्थानों और व्यक्तियों को निशाना बनाता रहेगा जो ईरानी शासन को वित्तीय, तकनीकी या अन्य प्रकार का महत्वपूर्ण सहयोग उपलब्ध कराते हैं। ट्रेजरी ने स्पष्ट किया है कि ईरान से जुड़े लेनदेन करने वाले विदेशी संस्थानों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने का जोखिम हो सकता है।
इसे अमेरिकी प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत ईरान के साथ व्यापार करने वाले तीसरे देशों के बैंकों और कंपनियों पर भी secondary sanctions का दबाव बढ़ाया जा रहा है।
तुर्की और UAE के बाद रूस का बड़ा बैंक निशाने पर
VTB के खिलाफ कार्रवाई से पहले अमेरिका ने ईरान के वित्तीय नेटवर्क से कथित संबंधों को लेकर तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित वित्तीय संस्थानों पर भी कार्रवाई की थी।
4 सितंबर को अमेरिकी ट्रेजरी ने तुर्की के Golden Global Bank और उससे जुड़ी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका का आरोप था कि बैंक ने ईरान से जुड़े वित्तीय लेनदेन में मदद की। इसके अलावा UAE में स्थित Banque Misr की गतिविधियों को लेकर भी अमेरिकी अधिकारियों ने कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए थे।
इस क्रम में VTB पर कार्रवाई यह संकेत देती है कि वॉशिंगटन अब ईरान के वित्तीय नेटवर्क को केवल ईरानी संस्थानों तक सीमित नहीं मान रहा, बल्कि रूस, तुर्की और खाड़ी क्षेत्र जैसे देशों में मौजूद संभावित वित्तीय चैनलों को भी निशाना बना रहा है।
रूस-ईरान आर्थिक सहयोग पर असर
रूस और ईरान दोनों लंबे समय से पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास हुए हैं।
अमेरिकी कार्रवाई से रूस और ईरान के बीच बैंकिंग तथा व्यापारिक सहयोग पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। विशेष रूप से VTB जैसी बड़ी वित्तीय संस्था पर ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध विदेशी बैंकों को उसके साथ लेनदेन को लेकर और अधिक सतर्क कर सकते हैं।
इसका असर उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है जो रूस और ईरान के बीच व्यापार के लिए VTB या उससे जुड़े वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल करती हैं।
चीन पर भी नजर
अमेरिका की यह रणनीति अप्रत्यक्ष रूप से चीन से जुड़े वित्तीय संस्थानों के लिए भी चेतावनी मानी जा रही है। VTB रूस और चीन के बीच व्यापार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और बैंक की चीन में मौजूदगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि VTB को ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के तहत निशाना बनाए जाने से उन विदेशी बैंकों पर दबाव बढ़ सकता है जो अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद VTB के साथ कारोबार जारी रखते हैं।
ईरान की वित्तीय ‘लाइफलाइन’ काटने की कोशिश
अमेरिका का Operation Economic Outcast अभियान अब ईरान की वित्तीय व्यवस्था पर व्यापक दबाव बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य ऐसे बैंकिंग चैनलों को कमजोर करना है, जिनके जरिए ईरान तेल राजस्व हासिल करता है, अंतरराष्ट्रीय व्यापार करता है या प्रतिबंधों से बचने के लिए वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल करता है।
VTB पर ताजा कार्रवाई इसी व्यापक नीति का हिस्सा है। हालांकि रूस और ईरान दोनों के पास पश्चिमी वित्तीय प्रणाली से बाहर व्यापार करने के लिए वैकल्पिक तंत्र विकसित करने का अनुभव है, लेकिन बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों पर बढ़ते अमेरिकी प्रतिबंध इन विकल्पों की लागत और जोखिम बढ़ा सकते हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि VTB के साथ कारोबार करने वाले एशियाई, मध्य-पूर्वी और अन्य विदेशी बैंक अमेरिकी दबाव के बाद अपने संबंधों में क्या बदलाव करते हैं। यदि बड़े वित्तीय संस्थान VTB से दूरी बनाते हैं, तो इसका असर रूस-ईरान व्यापार के साथ-साथ दोनों देशों की वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर भी पड़ सकता है।
