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15 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)। भारतीय फिनटेक उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां अब AI को केवल प्रयोग या ग्राहक सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक के तौर पर नहीं, बल्कि कारोबार बढ़ाने, लागत घटाने और नए राजस्व स्रोत तैयार करने के रणनीतिक माध्यम के रूप में देख रही हैं। हालांकि, इस निवेश का प्रत्यक्ष राजस्व प्रभाव तुरंत दिखाई देने के बजाय वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के बाद अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है, एक हालिया उद्योग रिपोर्ट और क्षेत्र में हो रहे बदलावों से यह संकेत मिलता है।

KPMG की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का वित्तीय क्षेत्र डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़कर AI आधारित ‘इंटेलिजेंट फाइनेंस’ के दौर में प्रवेश कर रहा है। Aadhaar, UPI, DigiLocker, Account Aggregator और ONDC जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने AI आधारित वित्तीय सेवाओं के लिए जरूरी डेटा, पहचान और लेनदेन का आधार तैयार कर दिया है।

AI अब केवल प्रयोग नहीं, कारोबार का हिस्सा

भारतीय फिनटेक कंपनियों में AI का शुरुआती इस्तेमाल चैटबॉट, ग्राहक सहायता और सिफारिशों जैसे सीमित क्षेत्रों में हुआ था। अब इसका दायरा काफी बढ़ गया है। कंपनियां फ्रॉड डिटेक्शन, क्रेडिट अंडरराइटिंग, KYC, कलेक्शन, अनुपालन, ग्राहक सेवा और आंतरिक प्रक्रियाओं में AI को शामिल कर रही हैं।

Business Standard की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिनटेक कंपनियां AI को अपने ऑपरेटिंग मॉडल की मुख्य परत में शामिल कर रही हैं। इसका उद्देश्य बढ़ते डिजिटल लेनदेन के बीच धोखाधड़ी को नियंत्रित करना, संचालन की लागत कम करना और बिना कर्मचारियों की संख्या में समान अनुपात में वृद्धि किए कारोबार को बढ़ाना है।

यही बदलाव AI को केवल लागत बचाने वाली तकनीक से आगे ले जाकर भविष्य के राजस्व का संभावित स्रोत बना रहा है।

FY28 से क्यों बढ़ सकती है कमाई?

विश्लेषकों का मानना है कि AI आधारित नए उत्पादों को विकसित करने, उनका परीक्षण करने और बड़े ग्राहक आधार तक पहुंचाने में समय लगेगा। इसलिए शुरुआती वर्षों में कंपनियों का खर्च अधिक और प्रत्यक्ष राजस्व योगदान सीमित रह सकता है।

लेकिन जैसे-जैसे AI आधारित क्रेडिट मॉडल, व्यक्तिगत वित्तीय सलाह, स्वचालित निवेश सेवाएं, बीमा सिफारिशें और व्यापारी सेवाएं बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होंगी, इनके लिए अलग शुल्क या बेहतर monetisation मॉडल विकसित किए जा सकते हैं।

AI के जरिए ग्राहक की वित्तीय जरूरत को समझकर उसी समय उपयुक्त ऋण, बीमा, निवेश या भुगतान उत्पाद की पेशकश करना फिनटेक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण कमाई का अवसर हो सकता है। KPMG के अनुसार, अगली पीढ़ी की तकनीक में Generative AI और Agentic AI की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि ये केवल जानकारी का विश्लेषण करने के बजाय मानव निगरानी के तहत कुछ कार्यों को स्वत: पूरा कर सकते हैं।

Agentic AI से बदल सकता है डिजिटल भुगतान

भारत AI आधारित वित्तीय सेवाओं के एक नए चरण की ओर बढ़ रहा है। NPCI AI agents के जरिए UPI भुगतान को सक्षम करने के लिए एक व्यवस्था विकसित कर रहा है। इसके तहत AI एजेंट उपयोगकर्ता की ओर से छोटी और नियमित खरीदारी के लिए भुगतान कर सकेंगे।

Reuters के अनुसार, प्रस्तावित Unified Agentic Protocol में spending limits, identity verification, rule-based payments और liability safeguards जैसे प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। शुरुआत रोजमर्रा के कम मूल्य वाले भुगतानों से हो सकती है, जबकि भविष्य में निवेश जैसे अधिक जटिल वित्तीय कार्यों तक इसका विस्तार संभव है।

इस बदलाव से फिनटेक कंपनियों के लिए एक नया कारोबार मॉडल बन सकता है, जिसमें AI केवल भुगतान का माध्यम नहीं बल्कि ग्राहक और वित्तीय उत्पादों के बीच सक्रिय इंटरफेस की भूमिका निभाएगा।

फिनटेक सेक्टर पहले से मुनाफे की ओर

AI का बढ़ता इस्तेमाल ऐसे समय हो रहा है जब भारतीय फिनटेक उद्योग खुद को तेज विस्तार से अधिक टिकाऊ मुनाफे की दिशा में ले जा रहा है। Jefferies की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय फिनटेक उद्योग ने FY25 में पहली बार सामूहिक स्तर पर मुनाफा दर्ज किया। सेक्टर का राजस्व ₹1 लाख करोड़ से अधिक रहा, जबकि कुल शुद्ध मुनाफा लगभग ₹2,300 करोड़ रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में फिनटेक उद्योग का राजस्व 22.4 प्रतिशत बढ़कर करीब ₹1.03 लाख करोड़ हो गया। आने वाले वर्षों में भी सेक्टर के तेज विस्तार की उम्मीद है। ऐसे में AI से होने वाली अतिरिक्त दक्षता और नए राजस्व स्रोत कंपनियों के मूल्यांकन और मुनाफे दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Paytm, Groww और अन्य कंपनियों की रणनीति

भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियां AI के साथ-साथ wealth management, lending, insurance और अन्य वित्तीय सेवाओं में विस्तार कर रही हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक भुगतान कारोबार पर निर्भरता कम करना और ग्राहक के साथ अधिक व्यापक वित्तीय संबंध बनाना है।

Economic Times के अनुसार, Paytm, PB Fintech और Groww जैसी कंपनियां नए कारोबार क्षेत्रों के साथ AI आधारित सेवाओं पर भी जोर दे रही हैं। AI का इस्तेमाल ग्राहक अनुभव सुधारने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और नए revenue streams खोलने के लिए किया जा रहा है।

डेटा सुरक्षा और नियमन भी बड़ी चुनौती

AI से मिलने वाले अवसरों के साथ डेटा सुरक्षा और नियामकीय जोखिम भी बढ़ रहे हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में फिनटेक कंपनियों से ग्राहक डेटा को केवल monetisable asset नहीं, बल्कि fiduciary responsibility के रूप में देखने का आग्रह किया। उनका कहना है कि डेटा के गलत इस्तेमाल से ग्राहक का भरोसा कमजोर हो सकता है और उसे दोबारा हासिल करना मुश्किल होता है।

इसलिए FY28 के बाद AI से राजस्व बढ़ने की संभावनाएं मजबूत दिखती हैं, लेकिन इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां AI को कितनी सुरक्षित, जिम्मेदार और व्यावसायिक रूप से प्रभावी तरीके से लागू करती हैं।

Bharat Baani Bureau

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