30 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): पंजाब के मोगा जिले में जन्मे विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी की 100वीं जयंती के अवसर पर 30 और 31 अक्टूबर को दो दिवसीय विज्ञान समारोह आयोजित किया जा रहा है। ‘फाइबर ऑप्टिक्स के जनक’ के रूप में पहचान रखने वाले डॉ. कपानी के सम्मान में यह आयोजन मोगा के सेक्रेड हार्ट स्कूल में होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करना है।
समारोह का विषय ‘सीमाओं से परे विज्ञान—प्रकाश से जीवन तक, धरती से अंतरिक्ष तक’ रखा गया है। इसमें विद्यार्थियों को विज्ञान और आधुनिक तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों से परिचित कराने के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने आयोजन को जिले के लिए गौरव का अवसर बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को डॉ. कपानी के जीवन और वैज्ञानिक उपलब्धियों से प्रेरित किया जाएगा।
विज्ञान मॉडल और लाइव प्रयोग होंगे आकर्षण
दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थी अपने बनाए विज्ञान मॉडल, कार्यशील परियोजनाएं और आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रोटोटाइप प्रदर्शित करेंगे। लाइव प्रयोगों के जरिए विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा। प्रतिभागियों को विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सामने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और उपयोगिता बताने का मौका भी मिलेगा।
प्रदर्शनी में जीवन विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, आकाश और अंतरिक्ष जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अलावा प्रकाश विज्ञान, फोटोनिक्स, ऑप्टिकल फाइबर, जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और उपग्रह तकनीक पर भी चर्चा होगी। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ व्याख्यान देने के साथ प्रकाश विज्ञान से जुड़े प्रयोगों का प्रदर्शन करेंगे।
31 अक्टूबर को जयंती समारोह और सम्मान
30 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र के बाद विशेषज्ञों के व्याख्यान और वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया जाएगा। 31 अक्टूबर को डॉ. कपानी की 100वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम होगा। इस दिन विद्यार्थियों की परियोजनाओं का मूल्यांकन कर चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन के तहत ‘डॉ. कपानी यंग इनोवेटर अवॉर्ड’ से जुड़ी पहल, रनिंग ट्रॉफी की शुरुआत और उनके सम्मान में एक सार्वजनिक पुस्तकालय का नामकरण करने की योजना भी रखी गई है।
कौन थे डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी?
31 अक्टूबर 1926 को जन्मे डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी ने प्रकाश को बेहद पतले कांच के रेशों यानी ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से भेजने की तकनीक पर अग्रणी शोध किया। उनके प्रयोगों और अनुसंधान ने आधुनिक फाइबर ऑप्टिक संचार के विकास की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज इसी तकनीक का इस्तेमाल हाई-स्पीड इंटरनेट, दूरसंचार नेटवर्क और चिकित्सा इमेजिंग सहित कई क्षेत्रों में होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी डॉ. कपानी को याद किया था। उन्होंने कहा कि मोगा में जन्मे इस वैज्ञानिक के शोध ने संचार तकनीक को नई दिशा दी और आज के इंटरनेट तथा डिजिटल संचार की कल्पना फाइबर ऑप्टिक्स के बिना मुश्किल है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में पढ़ने की अपील की थी।
मोगा के लिए गौरव का अवसर
डॉ. कपानी की जन्मशती पर आयोजित यह समारोह केवल एक महान वैज्ञानिक को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की पहल भी है। आयोजकों का उद्देश्य बच्चों को किताबों से आगे बढ़कर प्रयोग करने, सवाल पूछने और नए विचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मोगा की धरती से निकले डॉ. कपानी की वैश्विक वैज्ञानिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह प्रयास जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। उनकी उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि जिज्ञासा, निरंतर शोध और नवाचार किस तरह पूरी दुनिया की तकनीकी प्रगति को प्रभावित कर सकते हैं।
