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2 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए हमला किया। ट्रंप के मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे अमेरिका और पूरी दुनिया की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

आयोवा में रविवार को आयोजित एक रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना उनकी सैन्य कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है और यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।

ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना प्राथमिकता

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकता। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई करने का फैसला इसी चिंता के कारण लिया गया था।

ट्रंप ने दावा किया कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता, तो इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। उनके अनुसार, अमेरिका की कार्रवाई का उद्देश्य इस संभावित खतरे को खत्म करना था।

तेल की बढ़ती कीमतों को बताया छोटी कीमत

ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल की बढ़ती कीमत एक बहुत छोटी कीमत है। उनके अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना आर्थिक चिंताओं से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ट्रंप के इस बयान के बीच अमेरिका में ईंधन की कीमतों और आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा तेज हो रही है।

ईरान की सैन्य ताकत कमजोर करने का किया दावा

अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी बड़े दावे किए। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युद्ध की शुरुआत ईरान ने की थी, जबकि अमेरिका अब इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रहा है।

ईरान के साथ बातचीत और नए हमलों की आशंका

ट्रंप के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक समाधान को लेकर चर्चा जारी है।

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति से मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ नए हमले करने का आग्रह किया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से किसी नए सैन्य अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दूसरी ओर, ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए संचालित करने की बात कहता रहा है। ऐसे में परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इससे मध्य पूर्व की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी प्रभाव पड़ रहा है।

विशेष रूप से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है।

फिलहाल ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। हालांकि, सैन्य कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कितना स्थायी प्रभाव पड़ा है और आगे दोनों देशों के बीच तनाव किस दिशा में जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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