2 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 764.72 अंक चढ़कर 75,216.80 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 201.40 अंक की बढ़त के साथ 23,255.90 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार में तेजी के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत प्रमुख कारण रहे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक उछाल
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 33.8 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार में बेहतर वैश्विक ईंधन मार्जिन और टेलीकॉम कारोबार की वृद्धि ने नतीजों को मजबूती दी। हालांकि, रिटेल कारोबार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने रिलायंस के शेयरों में खरीदारी बढ़ाई, जिसका असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3 प्रतिशत गिरकर 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की परिचालन लागत पर दबाव घट सकता है।
पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट को बाजार ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। हालांकि, तेल की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी
सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस के अलावा एनटीपीसी, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, टाइटन और इन्फोसिस के शेयर शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ रहे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में 3,598.54 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। इससे घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
एशियाई बाजारों से भी मिले सकारात्मक संकेत
सोमवार को दक्षिण कोरिया के कोस्पी, जापान के निक्केई, चीन के शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। एशियाई बाजारों की मजबूती ने भी भारतीय शेयर बाजार को समर्थन दिया।
हालांकि, इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी। नैस्डैक में तेज गिरावट के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक तकनीकी शेयरों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी बनी हुई है।
विशेषज्ञों की नजर तेल कीमतों और विदेशी निवेश पर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पिछले सप्ताह के उच्च स्तर से आई गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत देने वाली है। उन्होंने अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में कमी और वैश्विक स्तर पर एआई शेयरों में निवेश की कमजोर होती धारणा को भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बताया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की दिशा तय करने में कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक आर्थिक संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
