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Reversal of Type 1 Diabetes in China 01 अक्टूबर 2024: डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसे जिंदगीभर कंट्रोल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है. माना जाता है कि एक बार डायबिटीज हो जाए, तो फिर इसे रिवर्स करना संभव नहीं होता है. हालांकि इस बात को दरकिनार करते हुए वैज्ञानिकों ने टाइप 1 डायबिटीज को एक खास तकनीक से रिवर्स करने का दावा किया है. चीनी वैज्ञानिकों ने सिर्फ 30 मिनट की सर्जरी कर एक महिला को डायबिटीज से छुटकारा दिला दिया है. इसे दुनिया का पहला टाइप 1 डायबिटीज रिवर्सल केस माना जा रहा है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की एक 25 साल की महिला पिछले करीब 10 सालों से टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रही थी. अपना ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए उसे इंसुलिन की डोज लेनी पड़ती थी. हालांकि एक्सपर्ट्स ने सेल ट्रांसप्लांट के जरिए उसकी सर्जरी की, जिसमें करीब आधा घंटा लगा. इसके करीब ढ़ाई महीने बाद उस महिला का ब्लड शुगर लेवल नेचुरल तरीके से कंट्रोल होने लगा और उसे इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ी. माना जा रहा है कि डॉक्टर्स ने स्टेम ट्रांसप्लांट के लिए मिनिमिली इन्वेसिव सर्जरी की थी, जिससे यह कमाल हो गया.

रिपोर्ट के अनुसार इस सर्जरी में डॉक्टर्स किसी मृत डोनर के पैंक्रियाज से आइलेट सेल्स (Islet Cells) को निकालते हैं और उन सेल्स को टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित मरीज के लिवर में ट्रांसप्लांट कर देते हैं. पैंक्रियाज में आइलेट सेल्स इंसुलिन और ग्लूकागन जैसे हार्मोनों का प्रोडक्शन करती हैं, जो बाद में ब्लड स्ट्रीम में आ जाती हैं और इससे ग्लूकोज लेवल कंट्रोल होने लगता है. अब स्टेम सेल थेरेपी ने डायबिटीज के ट्रीटमेंट की नई संभावनाएं खोल दी हैं. यह बेहद असरदार क्लीनिकल ट्रीटमेंट है, लेकिन डोनर्स की कमी के कारण ज्यादा लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

डॉक्टर्स की मानें तो टाइप 1 डायबिटीज की कंडीशन में मरीज के पैंक्रियाज में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है या इंसुलिन बेहद कम मात्रा में बनता है. इससे ब्लड शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाता है और मरीज को शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है. टाइप 1 डायबिटीज जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है और बेहद कम उम्र में डेवलप हो सकती है. दुनियाभर में डायबिटीज के टोटल केसेस में 5 पर्सेंट मामले टाइप 1 डायबिटीज के होते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी तादाद में लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं.

Bharat Baani Bureau

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