04 अप्रैल 2025 (भारत बानी ब्यूरो): इस समय IPL 2025 चल रहा है और महेंद्र सिंह धोनी की उम्र और खेल को लेकर काफी चर्चा हो रही है. बढ़ती उम्र में खेलते समय क्या सच में समस्याएं आती हैं? यह सवाल कई लोग पूछ रहे हैं. क्रिकेट और अन्य खेलों में कुछ खिलाड़ी चालीस की उम्र में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं, जबकि कुछ को संघर्ष करना पड़ता है. इस बारे में कोल्हापुर के डॉक्टर अविनाश शिंदे ने लोकल18 से बात की…
लोकल 18 से बात करते हुए कोल्हापुर के डॉक्टर अविनाश शिंदे ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ लचीलापन कम होता है, हड्डियां कमजोर होती हैं और सहनशक्ति घटती है, लेकिन सही देखभाल और फिटनेस से इसे संतुलित किया जा सकता है. धोनी जैसे खिलाड़ी इस उम्र में भी खुद को फिट रखते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं. खेल, सही जीवनशैली के साथ, फिट रहने का बेहतरीन तरीका है.
‘हड्डियों में कमजोरी आ जाती है’
डॉक्टर अविनाश शिंदे ने कहा कि चालीस की उम्र पार करना जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव होते हैं. खासकर 40 साल के बाद शरीर की लचीलापन कम होने लगता है, हड्डियों में कमजोरी आ जाती है और सहनशक्ति भी पहले जैसी नहीं रहती. फिर भी, मैदान में खेलना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन, इस समय कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही सही देखभाल करना जरूरी होता है.
चालीस के बाद क्या होता है?
आखिर में, उम्र सिर्फ एक नंबर है, ऐसा कहा जाता है. इसलिए चालीस के बाद भी सही तैयारी और देखभाल से मैदान में खेल का आनंद लिया जा सकता है. स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक फिटनेस के लिए खेल एक बेहतरीन मौका है.
सारांश: फ्रिज में आटे की लोई रखने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं और पाचन समस्याएं हो सकती हैं. बैक्टीरियल संक्रमण और शुगर स्तर बढ़ने का खतरा भी होता है. ताजी लोई और रोटियां ही बेहतर हैं.
