13  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  मानवाधिकार कार्यकर्ता Paramjit Khalra ने 1980 और 1990 के दशक के दौरान पंजाब में हुई कथित जबरन गुमशुदगियों और फर्जी मुठभेड़ों की जांच के लिए एक स्वतंत्र पीपुल्स कमीशन गठित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि उस दौर के कई परिवार आज भी न्याय और जवाबदेही की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार, एक स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोग उन मामलों की समीक्षा कर सकता है जिनमें कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाए गए थे।

परमजीत खालड़ा ने कहा कि आयोग का उद्देश्य पीड़ित परिवारों की बात सुनना, उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन करना और सत्य को सामने लाने की दिशा में काम करना होना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसी पहल से ऐतिहासिक घटनाओं पर व्यापक संवाद और न्याय प्रक्रिया को बल मिल सकता है।

1980 और 1990 के दशक का पंजाब उग्रवाद और सुरक्षा अभियानों के कारण लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहा। इस अवधि से जुड़े कई मामलों में वर्षों से मानवाधिकार संगठनों, पीड़ित परिवारों और विभिन्न पक्षों द्वारा अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

इस मुद्दे पर समय-समय पर विभिन्न संगठनों ने स्वतंत्र जांच, जवाबदेही और पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग उठाई है। वहीं, ऐसे मामलों पर किसी भी निष्कर्ष के लिए न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक माना जाता है।

फिलहाल पीपुल्स कमीशन गठित करने की मांग पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Bharat Baani Bureau

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