21 जुलाई 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अब एक बड़ा रणनीतिक फैसला है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के सामने एक ओर 10 दिन के युद्धविराम को आगे बढ़ाने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ने का विकल्प है, वहीं दूसरी ओर इजरायल के साथ मिलकर एक नए सैन्य अभियान का समर्थन करने का दबाव है।
क्षेत्रीय मध्यस्थों, जिनमें कतर, मिस्र, पाकिस्तान और ओमान शामिल हैं, ने तनाव कम करने के लिए 10 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष को रोकना और आगे की बातचीत का रास्ता खोलना है।
हालांकि, सैन्य विकल्प भी ट्रंप के सामने बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों के बाद तनाव बढ़ गया है और संघर्ष का केंद्र रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बना हुआ है। इस क्षेत्र से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए लंबे संघर्ष से ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप के लिए चुनौती यह है कि वे ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखते हुए बातचीत की संभावना भी खत्म न करें। एक ओर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने का विकल्प है, तो दूसरी ओर युद्धविराम के जरिए कूटनीतिक रास्ता तलाशने की कोशिश जारी है।
मध्यस्थों का प्रस्ताव ईरान को युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की दिशा में कदम उठाने के बदले व्यापक बातचीत का रास्ता देने पर केंद्रित है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के कारण किसी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ट्रंप 10 दिन के युद्धविराम को मौका देंगे या ईरान के खिलाफ इजरायल के साथ सैन्य कार्रवाई को और तेज करने का फैसला करेंगे। इस निर्णय का असर न केवल अमेरिका और ईरान, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
