23  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला का प्रकोप तेजी से गंभीर होता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में इस बीमारी से 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमण के 2,473 मामलों की पुष्टि हुई है। यह प्रकोप Bundibugyo वायरस के कारण फैल रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, Ituri प्रांत सबसे अधिक प्रभावित है। पूर्वी कांगो के कई हिस्सों में संघर्ष, स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच और संक्रमण की निगरानी में मुश्किलों ने बीमारी पर काबू पाने के प्रयासों को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि संक्रमण की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकती है। कई मामलों में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल पा रहा है, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकना मुश्किल हो रहा है।

इस प्रकोप को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि Bundibugyo वायरस के खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की पहचान, उन्हें अलग रखने और संपर्क में आए लोगों की निगरानी के जरिए संक्रमण को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने कई अन्य चुनौतियां भी हैं। संघर्ष प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा सुविधाओं पर हमले, स्थानीय समुदायों में अविश्वास और सुरक्षित दफन प्रक्रियाओं को लेकर विरोध ने बीमारी की रोकथाम के प्रयासों को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों का समय पर इलाज और आइसोलेशन न हो पाना संक्रमण को और बढ़ा सकता है। इसके अलावा, कई मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंभीर स्थिति में पहुंच रहे हैं।

WHO ने इस प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातस्थिति घोषित की है और कांगो तथा पड़ोसी देशों में निगरानी और तैयारी बढ़ाने पर जोर दिया है। स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण की पहचान, संपर्कों की निगरानी और उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं।

Bharat Baani Bureau

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