17 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  पंजाब में पहली बार खन्ना पुलिस ने अपराध जांच में फेशियल रिकग्निशन तकनीक का सफल इस्तेमाल करते हुए संदिग्धों की पहचान करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार, तकनीक ने जांच प्रक्रिया को तेज करने में मदद की।

इस तकनीक के जरिए उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो फुटेज में दिखाई देने वाले चेहरों का विश्लेषण कर संभावित संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जाती है। इससे पुलिस को जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों को मौजूदा रिकॉर्ड से मिलाने में सहायता मिल सकती है।

खन्ना पुलिस ने इस तकनीक का इस्तेमाल संदिग्धों की पहचान और मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए किया। अधिकारियों के अनुसार, तकनीक का इस्तेमाल पुलिस की पारंपरिक जांच प्रक्रिया के साथ किया गया, ताकि संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिल सके।

फेशियल रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस के पास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों का बेहतर तरीके से विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ सकती है। हालांकि, तकनीकी पहचान को अंतिम सबूत मानने से पहले पुलिस द्वारा अन्य साक्ष्यों के जरिए इसकी पुष्टि करना जरूरी होता है।

खन्ना पुलिस की यह पहल पंजाब में अपराध जांच में आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल अन्य मामलों में भी बढ़ने की संभावना है।

Bharat Baani Bureau

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