1 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज यानी गुरुवार को अपनी सरकार की ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की दूसरी किस्त जारी करेंगे। इसके तहत राज्य की 36,87,677 महिला लाभार्थियों के खातों में तीन महीने की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए कुल 1,260 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
इस अवसर पर गोइंदवाल साहिब में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे।
36.87 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
दूसरी किस्त के तहत 36.87 लाख से अधिक महिलाओं को तीन महीने की वित्तीय सहायता एक साथ दी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे।
इस हिसाब से सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए तीन महीने की राशि 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये प्रति माह के आधार पर निर्धारित है। योजना के तहत मासिक सहायता राशि की यही दर पहले भी बताई गई थी।
73.99 लाख महिलाओं का पंजीकरण
दूसरी किस्त के वितरण के साथ योजना के तहत पंजीकृत कुल महिलाओं की संख्या करीब 73.99 लाख हो गई है। सरकार की ओर से पहले चरण के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना के दायरे में जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही थी।
दूसरी किस्त के बाद इस योजना के तहत कुल 2,562 करोड़ रुपये महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाए जाने का आंकड़ा सामने आया है।
सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगी राशि
योजना के तहत वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं तक सहायता राशि सीधे पहुंचाना है।
जिलों में भी योजना की दूसरी किस्त के तहत लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर कपूरथला जिले में 1,03,413 महिलाओं के खातों में कुल 36.33 करोड़ रुपये की सहायता राशि DBT के जरिए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अलग सहायता
‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत सहायता राशि लाभार्थियों की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
इस आधार पर तीन महीने की दूसरी किस्त में सामान्य वर्ग की पात्र महिला को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिला को 4,500 रुपये प्राप्त होंगे।
महिला-केंद्रित कल्याण योजना
पंजाब सरकार इस योजना को महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कल्याणकारी पहल के रूप में पेश करती रही है। अगस्त 2026 में सरकार की ओर से बताया गया था कि योजना में नए पंजीकरण के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 73.5 लाख हो गई थी।
योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, लाभार्थियों को राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।
गोइंदवाल साहिब में राज्य स्तरीय कार्यक्रम
दूसरी किस्त जारी करने के लिए गोइंदवाल साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी की गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस कार्यक्रम के दौरान योजना की दूसरी किस्त के हस्तांतरण की शुरुआत करेंगे।
कार्यक्रम के जरिए सरकार योजना के तहत अब तक किए गए भुगतान और लाभार्थियों की संख्या से जुड़े आंकड़े भी सामने रख सकती है। हालांकि, योजना के प्रभाव और इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले दीर्घकालिक असर का आकलन अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक मानकों के आधार पर किया जाना होगा।
पंजाब में कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
पंजाब सरकार की कई योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और सामाजिक कल्याण पर जोर दिया जा रहा है। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ भी इसी व्यापक कल्याणकारी ढांचे का हिस्सा है।
दूसरी किस्त के तहत 36.87 लाख से अधिक महिलाओं को एक साथ भुगतान किया जाना राज्य स्तर पर बड़े पैमाने का DBT हस्तांतरण है। इसके साथ योजना के तहत कुल भुगतान 2,562 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
राज्य सरकार की ओर से आगे भी पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने और पंजीकरण प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई है।
