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3 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब पुलिस की NRI विंग ने कनाडा में एक भारतीय सैलून चेन के विस्तार के नाम पर कथित तौर पर ₹4 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में दो कनाडाई नागरिकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने कमलप्रीत सिंह खेहरा और क्रिस्पी खेहरा उर्फ क्रिस गिल को मामले में नामजद किया है। शिकायत के आधार पर भारतीय सैलून चेन के कनाडा विस्तार के लिए प्रस्तावित फ्रेंचाइजी में निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

पंजाब पुलिस ने यह कार्रवाई कनाडाई नागरिक और भारतीय मूल की इंदरजीत कौर बोपाराय, जो OCI कार्डधारक भी हैं, की शिकायत के बाद की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें कनाडा में सैलून चेन के विस्तार को लेकर फ्रेंचाइजी निवेश का अवसर बताया गया और इस आधार पर उनसे तथा अन्य निवेशकों से बड़ी रकम ली गई।

फ्रेंचाइजी विस्तार के नाम पर निवेश का आरोप

शिकायत के अनुसार, सैलून के कनाडा में नए आउटलेट स्थापित करने की योजना पेश की गई थी। निवेशकों को बताया गया कि रकम का इस्तेमाल निर्माण, स्टोर तैयार करने और इन्वेंट्री सहित अन्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

बोपाराय ने आरोप लगाया कि कमलप्रीत सिंह खेहरा ने निवेशकों से पर्याप्त धनराशि एकत्र की, लेकिन जिन आउटलेट्स को स्थापित करने का वादा किया गया था, वे स्थापित नहीं किए गए। इसके अलावा निवेशकों से किए गए कई वादे और समझौते भी पूरे नहीं किए गए।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सैलून के संस्थापक और प्रमोटर मुनीश बजाज तथा खेहरा के साथ हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें ₹4 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।

छह अन्य निवेशकों के भी प्रभावित होने का दावा

मामले में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि वह अकेली निवेशक नहीं थीं। उनके अनुसार, कनाडा में रहने वाले कम से कम छह अन्य निवेशकों ने भी प्रस्तावित सैलून कारोबार में पैसा लगाया था।

इन निवेशकों के बारे में शिकायत में लंदन, ब्रैम्पटन और एटोबिकोक जैसे कनाडाई इलाकों के अलावा अल्बर्टा के कैलगरी और ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब इन दावों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इससे मामले का दायरा केवल एक निवेशक तक सीमित नहीं रहने की संभावना बनती है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कुल कितने लोगों से निवेश के नाम पर रकम ली गई और वास्तव में कितनी राशि एकत्र की गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

NRI विंग के AIG जगजीत सिंह वालिया के अनुसार, FIR प्रारंभिक जांच के बाद दर्ज की गई है और अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत में नामित सभी व्यक्तियों की भूमिका को सत्यापित किया जा रहा है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेजों, समझौतों, भुगतान के रिकॉर्ड और आरोपों में बताए गए अन्य तथ्यों की जांच करेगी।

मुनीश बजाज ने आरोपों से किया इनकार

मामले में सैलून चेन के संस्थापक और प्रमोटर मुनीश बजाज की भूमिका भी पुलिस द्वारा सत्यापित की जा रही है। हालांकि, बजाज ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।

बजाज का कहना है कि उन्होंने खेहरा को फ्रेंचाइजी दी थी और इसके बाद खेहरा ने स्वतंत्र रूप से काम किया। उनके अनुसार, कथित तौर पर निवेशकों से पैसा लेने और उनसे जुड़े विवाद में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

बजाज ने यह भी दावा किया कि उनके पास शिकायतकर्ता द्वारा संदर्भित समझौते की प्रति तक नहीं है और उन्होंने निवेशकों से रकम एकत्र नहीं की। उन्होंने मामले से संबंधित एक अलग शिकायत भी दर्ज कराने की बात कही है।

निवेशकों के दावों की जांच अहम

इस मामले में पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह निर्धारित करना होगा कि निवेशकों से रकम किसके माध्यम से और किन खातों में ली गई। इसके साथ ही प्रस्तावित फ्रेंचाइजी की वास्तविक कारोबारी स्थिति और निवेशकों के साथ किए गए समझौतों की भी जांच की जाएगी।

पुलिस यह भी देखेगी कि क्या निवेशकों को कनाडा में सैलून आउटलेट स्थापित करने के लिए वैध कारोबारी प्रस्ताव दिया गया था या कथित तौर पर गलत जानकारी के आधार पर उनसे पैसा लिया गया।

कनाडा में सैलून विस्तार बना विवाद का केंद्र

भारतीय सैलून ब्रांड के कनाडा विस्तार की योजना इस विवाद का मुख्य केंद्र है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी प्रस्तावित विस्तार को कारोबारी अवसर के रूप में पेश करके निवेश कराया गया था।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत और कनाडा दोनों देशों में रहने वाले निवेशकों का उल्लेख है। ऐसे मामलों में सीमा-पार लेनदेन, दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड की जांच पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

फिलहाल पंजाब पुलिस ने दो कनाडाई नागरिकों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में नामित सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। इसलिए मुनीश बजाज सहित अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

₹4 करोड़ से अधिक के कथित नुकसान और कई निवेशकों के प्रभावित होने के दावे के कारण यह मामला पंजाब पुलिस की NRI विंग के लिए महत्वपूर्ण जांच बन गया है। अब जांच का केंद्र निवेश की रकम, फ्रेंचाइजी समझौते, प्रस्तावित कनाडाई आउटलेट्स और संबंधित पक्षों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन पर रहेगा।

Bharat Baani Bureau

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