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16 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)। भारत के पूर्व ऑलराउंडर और 2011 वनडे विश्व कप के हीरो युवराज सिंह ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर टीम इंडिया और मैनेजमेंट को अहम सलाह दी है। युवराज ने कहा है कि विश्व कप से पहले टीम में बड़े बदलाव करने से बचना चाहिए और अगले 13 महीनों में एक ऐसी कोर टीम तैयार की जानी चाहिए, जिसे पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिले।

भारत की 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से होनी है। ऐसे में 2027 विश्व कप से लगभग एक साल पहले टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच युवराज की टिप्पणी को टीम के स्थायित्व और खिलाड़ियों को लगातार मौके देने की सलाह के तौर पर देखा जा रहा है।

16 से 20 खिलाड़ियों की कोर टीम पर जोर

युवराज सिंह ने Cricinfo से बातचीत में कहा कि भारत को अभी से उस टीम पर ध्यान देना चाहिए, जो एक साल बाद विश्व कप में उतर सकती है। उनके मुताबिक टीम में चाहे 16 खिलाड़ी हों या 20, सभी को पर्याप्त मैच खेलने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मौजूदा क्रिकेट कैलेंडर में टी20 मैचों की संख्या बढ़ने और 50 ओवर के मुकाबलों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के कारण उपलब्ध वनडे मैचों का इस्तेमाल खिलाड़ियों की तैयारी के लिए किया जाना जरूरी है।

युवराज का मानना है कि विश्व कप के करीब पहुंचने पर अचानक टीम में बड़े बदलाव करने से खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। इसलिए मैनेजमेंट को जल्द से जल्द संभावित खिलाड़ियों का समूह तैयार कर उन्हें नियमित मौके देने चाहिए।

रोहित शर्मा और विराट कोहली का भविष्य भी चर्चा में

2027 विश्व कप की तैयारियों के बीच रोहित शर्मा और विराट कोहली का भविष्य भी चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। दोनों दिग्गजों ने टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर वनडे क्रिकेट तक सीमित है।

भारतीय टीम में दोनों की भूमिका और 2027 विश्व कप तक उनकी उपलब्धता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। युवराज ने हालांकि किसी खिलाड़ी को लेकर सीधा फैसला देने के बजाय टीम मैनेजमेंट से व्यापक रूप से स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।

रोहित शर्मा अक्टूबर 2027 में होने वाले विश्व कप के दौरान 40 वर्ष के होंगे, जबकि विराट कोहली टूर्नामेंट के दौरान 39 वर्ष के हो जाएंगे। ऐसे में दोनों के अनुभव और भविष्य को लेकर चयन रणनीति आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रह सकती है।

युवराज ने पिछले अनुभवों का दिया हवाला

2011 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज ने कहा कि भारत को अतीत से सीखना चाहिए। उनके अनुसार बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले या टूर्नामेंट के दौरान बड़े बदलाव करने से टीम को नुकसान हुआ है।

उन्होंने टीम में विश्वास बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। युवराज के मुताबिक यदि मैनेजमेंट को लगता है कि कोई टीम विश्व कप जीत सकती है तो खिलाड़ियों के असफल होने की स्थिति में भी उन्हें पर्याप्त समय तक समर्थन मिलना चाहिए।

युवराज ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों के बीच आपसी समझ और एकजुटता विकसित होने में समय लगता है। इसलिए अंतिम समय में प्रयोग करने के बजाय पहले से तय समूह को लगातार मैदान पर उतारना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

2023 के बाद भारत का व्हाइट-बॉल प्रदर्शन

युवराज ने भारत के हालिया व्हाइट-बॉल प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। 2023 वनडे विश्व कप में भारत फाइनल तक पहुंचा था। इसके बाद भारत ने 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप जीते और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया।

युवराज के अनुसार लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करने के पीछे टीम में बनी निरंतरता की भी भूमिका रही है। उनका मानना है कि 2027 विश्व कप के लिए भी इसी तरह खिलाड़ियों का एक स्थिर समूह तैयार करना चाहिए।

पहले सेमीफाइनल की तैयारी, फिर खिताब पर नजर

युवराज ने विश्व कप की तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से देखने की सलाह दी। उनका कहना है कि फिलहाल टीम का पहला लक्ष्य एक ऐसा मजबूत स्क्वाड तैयार करना होना चाहिए जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबला कर सके।

इसके बाद विश्व कप में पहले सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करना और फिर अंतिम दो नॉकआउट मुकाबलों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को लंबी तैयारी बताते हुए कहा कि टीम को अभी से एकजुट होकर तैयारी करनी होगी।

भारत के लिए 2027 वनडे विश्व कप इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि टीम 2023 में घरेलू मैदान पर फाइनल में पहुंचने के बाद खिताब से चूक गई थी। आगामी टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर 2027 में खेला जाना है।

युवराज की सलाह का मुख्य संदेश

युवराज की सलाह का मूल संदेश टीम में स्थिरता, नियमित मौके और खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना है। अगले एक साल में भारत के पास उपलब्ध वनडे मैचों के जरिए संभावित विश्व कप टीम को आजमाने और अंतिम रूप देने का अवसर होगा।

रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को लेकर अंतिम तस्वीर समय के साथ स्पष्ट होगी, लेकिन युवराज का जोर इस बात पर है कि एक बार टीम का कोर ग्रुप तय हो जाए तो विश्व कप से पहले उसमें अनावश्यक और बड़े बदलावों से बचा जाए। भारत के लिए अब चुनौती ऐसी टीम तैयार करने की होगी जो लंबे टूर्नामेंट में अलग-अलग परिस्थितियों में लगातार प्रदर्शन कर सके।

Bharat Baani Bureau

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