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22 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को नाइजीरिया के डांगोटे समूह से केन्या में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के लिए 450 मिलियन डॉलर से अधिक का अनुबंध मिला है। इस परियोजना में EIL को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट (EPCM) कंसल्टेंट की जिम्मेदारी दी गई है। प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 7 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण की होगी।

EIL की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को बढ़ावा

यह अनुबंध EIL और डांगोटे समूह के बीच पहले से चले आ रहे कारोबारी संबंधों को और मजबूत करता है। दोनों कंपनियों ने नाइजीरिया के लेक्की फ्री जोन में 6.5 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली डांगोटे रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना पर भी साथ काम किया था।

नाइजीरिया में इस परियोजना के अनुभव के आधार पर डांगोटे समूह ने केन्या में प्रस्तावित नए ऊर्जा परिसर के लिए भी EIL की तकनीकी और परियोजना प्रबंधन क्षमताओं पर भरोसा जताया है। यह अनुबंध EIL के लिए अफ्रीकी बाजार में अपनी इंजीनियरिंग, प्रबंधन और परामर्श सेवाओं का विस्तार करने का अवसर प्रदान करता है।

7 लाख बैरल प्रतिदिन की होगी क्षमता

केन्या में प्रस्तावित रिफाइनरी की क्षमता 700,000 बैरल प्रतिदिन होगी। इसे पूर्वी अफ्रीका की सबसे बड़ी रिफाइनरी परियोजनाओं में से एक के रूप में विकसित करने की योजना है। संयंत्र का उद्देश्य केन्या और आसपास के देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करना तथा आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है।

परियोजना से क्षेत्रीय स्तर पर पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने की उम्मीद है। इसके अलावा, रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परिसर के विकास से औद्योगिक गतिविधियों, परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

डांगोटे समूह ने इससे पहले केन्या के लामू क्षेत्र में इस परियोजना को विकसित करने की योजना की जानकारी दी थी। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, साइट चयन, मिट्टी की जांच तथा इंजीनियरिंग और डिजाइन से संबंधित शुरुआती कार्य आगे बढ़ चुके हैं। <Cite refs={[“turn517902news17″,”turn517902search2″,”turn517902search7”]}/>

EIL निभाएगी PMC और EPCM की भूमिका

अनुबंध के तहत EIL को परियोजना प्रबंधन परामर्श और इंजीनियरिंग, खरीद तथा निर्माण प्रबंधन से संबंधित सेवाएं प्रदान करनी होंगी। PMC की भूमिका में परियोजना की योजना, समय-सीमा, समन्वय, लागत निगरानी और विभिन्न ठेकेदारों के बीच प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं।

वहीं, EPCM सेवाओं के अंतर्गत इंजीनियरिंग डिजाइन, उपकरणों और सामग्री की खरीद प्रक्रिया तथा निर्माण कार्यों के प्रबंधन और निगरानी में सहायता दी जाती है। इस तरह EIL परियोजना के विभिन्न चरणों के बीच तकनीकी और प्रबंधकीय समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस प्रकार के बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट में डिजाइन की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण प्रगति और लागत नियंत्रण का विशेष महत्व होता है। EIL का अनुभव डांगोटे समूह को परियोजना के तकनीकी और प्रबंधन संबंधी पहलुओं में सहायता प्रदान कर सकता है।

पूर्वी अफ्रीका की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

केन्या और आसपास के पूर्वी अफ्रीकी देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है। प्रस्तावित रिफाइनरी का उद्देश्य क्षेत्र में घरेलू और क्षेत्रीय ईंधन आपूर्ति को मजबूत करना है।

नई रिफाइनरी के संचालन में आने के बाद केन्या को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, संयंत्र से पड़ोसी देशों को भी ईंधन उत्पादों की आपूर्ति किए जाने की योजना है।

हालांकि, परियोजना के वास्तविक प्रभाव का आकलन निर्माण पूरा होने, उत्पादन शुरू होने, कच्चे तेल की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था और नियामकीय मंजूरियों जैसे कारकों पर निर्भर करेगा। बड़ी रिफाइनरी परियोजनाओं में वित्तीय व्यवस्था, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, भूमि संबंधी प्रक्रियाएं और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती हैं।

डांगोटे समूह का अफ्रीका में विस्तार

डांगोटे समूह नाइजीरिया में रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, सीमेंट, उर्वरक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय है। समूह की नाइजीरिया स्थित 650,000 बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी अफ्रीका की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है।

कंपनी अब अपनी रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा कारोबार का विस्तार अफ्रीका के अन्य हिस्सों तक करना चाहती है। केन्या की परियोजना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। जुलाई 2026 में डांगोटे समूह से जुड़ी रिपोर्टों में केन्या के लामू क्षेत्र में लगभग 17 अरब डॉलर की रिफाइनरी परियोजना और करीब 700,000 बैरल प्रतिदिन क्षमता का उल्लेख किया गया था। <Cite refs={[“turn517902news17″,”turn517902search3″,”turn517902search8”]}/>

EIL के ऑर्डर बुक को मिल सकता है समर्थन

450 मिलियन डॉलर से अधिक का यह अंतरराष्ट्रीय अनुबंध EIL के ऑर्डर बुक और विदेशी कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी पहले से ही तेल एवं गैस, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, उर्वरक, बुनियादी ढांचे और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में इंजीनियरिंग परामर्श सेवाएं प्रदान करती है।

विदेशी परियोजनाओं से EIL को भौगोलिक स्तर पर अपने कारोबार में विविधता लाने और बड़े पैमाने के ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में अनुभव का उपयोग करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, किसी भी अनुबंध का वास्तविक वित्तीय प्रभाव उसके निष्पादन की गति, भुगतान शर्तों, परियोजना की प्रगति और संबंधित लागतों पर निर्भर करेगा।

केन्या रिफाइनरी परियोजना के माध्यम से EIL को अफ्रीकी ऊर्जा क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर मिला है। वहीं, डांगोटे समूह के लिए भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी के साथ सहयोग बड़े पैमाने की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Bharat Baani Bureau

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