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28 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): आज के समय में सुपरमार्केट की खरीदारी अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (Ultra-Processed Foods) के बिना पूरी करना मुश्किल हो सकता है। ब्रेकफास्ट सीरियल, पैकेज्ड ब्रेड, फ्लेवर्ड योगर्ट, इंस्टेंट नूडल्स, स्नैक्स, बिस्कुट, रेडी-टू-ईट भोजन और कई तरह के पैकेज्ड उत्पाद हमारी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल है—क्या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने के बावजूद कोई व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है? जवाब पूरी तरह हां या ना में नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सभी processed foods एक जैसे नहीं होते और किसी भोजन को केवल इस आधार पर अस्वास्थ्यकर नहीं कहा जा सकता कि वह पैक में मिलता है। हालांकि, ऐसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पाद जिनमें अधिक चीनी, नमक, संतृप्त वसा और कैलोरी होती है, उन्हें सीमित करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

हर processed food खराब नहीं

Processed food का मतलब केवल जंक फूड नहीं है। दूध को pasteurise करना, सब्जियों को freeze करना, बीन्स या मछली को can करना और खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ प्रक्रियाओं से गुजारना भी processing का हिस्सा है।

NHS के अनुसार, सभी processed foods अस्वास्थ्यकर नहीं होते। उदाहरण के लिए wholemeal bread, अधिक फाइबर वाले breakfast cereals और baked beans जैसे कुछ packaged foods संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं।

समस्या मुख्य रूप से उन उत्पादों की अधिक मात्रा से जुड़ी है जो अक्सर कैलोरी, नमक, चीनी या saturated fat में अधिक होते हैं और जिनमें फाइबर तथा अन्य पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम हो सकते हैं।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की पहचान कैसे करें?

Ultra-processed foods आमतौर पर ऐसे औद्योगिक रूप से तैयार उत्पाद होते हैं जिनमें कई तरह के ingredients और additives शामिल हो सकते हैं। इनमें preservatives, sweeteners, colours और emulsifiers जैसे पदार्थ शामिल हो सकते हैं।

आम उदाहरणों में शामिल हैं:

  • मीठे या sugary drinks
  • चिप्स और packaged snacks
  • biscuits और cakes
  • कुछ ready meals
  • instant noodles और soups
  • sweets और chocolate
  • processed meat products
  • कुछ flavoured या sweetened dairy products

हालांकि, किसी उत्पाद को केवल ingredients की लंबी सूची देखकर तुरंत “खराब” मान लेना भी उचित नहीं है। भोजन का nutritional profile और उसे कितनी मात्रा में खाया जा रहा है, दोनों महत्वपूर्ण हैं।

डाइटिशियन की नजर में साप्ताहिक शॉपिंग

अगर किसी व्यक्ति की weekly grocery basket में packaged foods काफी अधिक हैं, तो पहला कदम सभी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को बाहर करना नहीं होना चाहिए। इसके बजाय dietitian आमतौर पर पूरी shopping basket को देखकर यह समझने की कोशिश करेगा कि उसमें फल, सब्जियां, whole grains, pulses, nuts, seeds और पर्याप्त protein sources कितने हैं।

मसलन, अगर नाश्ते में sugary cereal के साथ फल और unsweetened yoghurt शामिल किया जाए, तो बदलाव केवल cereal को हटाने से नहीं बल्कि पूरे meal की nutritional quality सुधारने से आएगा।

इसी तरह ready meal खाने की जरूरत हो तो उसके साथ अतिरिक्त सब्जियां, salad या beans जोड़ने से meal में फाइबर और micronutrients बढ़ाए जा सकते हैं। 2026 में प्रकाशित NHS-संबंधित guidance भी यह सुझाव देती है कि कम processed लेकिन सुविधाजनक विकल्प—जैसे frozen vegetables, tinned beans और lentils, wholegrain bread तथा कुछ ready-to-eat grains—व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं।

लेबल पढ़ना सबसे आसान तरीका

सुपरमार्केट में स्वस्थ विकल्प चुनने के लिए packaging के nutrition label को देखना उपयोगी हो सकता है।

विशेष रूप से इन चीजों पर ध्यान दें:

Sugar: बहुत अधिक added sugar वाले उत्पादों को रोजाना खाने के बजाय कभी-कभार लेना बेहतर है।

Salt: ready meals, processed meats, sauces और कई packaged snacks में नमक अधिक हो सकता है।

Saturated fat: biscuits, pastries, cakes और कुछ processed foods में saturated fat की मात्रा अधिक हो सकती है। NHS भोजन की तुलना करते समय nutrition labels देखने की सलाह देता है।

Fibre: whole grains, pulses, फल, सब्जियां और nuts जैसे खाद्य पदार्थ फाइबर बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

क्या UPF पूरी तरह छोड़ना जरूरी है?

नहीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का मुख्य उद्देश्य अक्सर UPFs को पूरी तरह खत्म करना नहीं, बल्कि ऐसे उत्पादों की अधिक खपत को कम करना है जिनमें चीनी, नमक या saturated fat अधिक है।

NHS के अनुसार, कुछ ultra-processed foods भी संतुलित आहार में शामिल किए जा सकते हैं। इसलिए “100 प्रतिशत clean eating” का लक्ष्य बनाने के बजाय पूरे आहार के पैटर्न पर ध्यान देना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।

उदाहरण के लिए packaged wholegrain bread या कुछ high-fibre breakfast cereals किसी व्यक्ति के लिए सुविधाजनक और उपयोगी विकल्प हो सकते हैं, जबकि sugary drinks, मिठाइयों और highly processed snacks की मात्रा कम की जा सकती है।

बेहतर shopping basket कैसी हो सकती है?

एक संतुलित weekly shop में अधिक मात्रा में ये खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं:

  • ताजे या frozen फल और सब्जियां
  • दालें, beans और lentils
  • whole grains और oats
  • nuts और seeds
  • eggs, fish या lean protein sources
  • plain या कम चीनी वाला yoghurt
  • कम processed dairy products
  • wholegrain bread या wraps

इसके साथ packaged foods पूरी तरह हटाने की जरूरत नहीं है। लक्ष्य यह होना चाहिए कि convenience foods पूरे आहार की जगह न ले लें।

असली लक्ष्य है संतुलित आहार

Ultra-processed foods पर चल रही बहस के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी एक food category को देखकर पूरी diet की गुणवत्ता का फैसला नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति के आहार में पर्याप्त फल-सब्जियां, फाइबर, protein और अन्य जरूरी nutrients हैं और high-sugar, high-salt तथा high-saturated-fat foods सीमित मात्रा में हैं, तो occasional packaged food अपने आप में स्वस्थ जीवनशैली को समाप्त नहीं करता।

वहीं, अगर ultra-processed foods रोजाना के आहार का बड़ा हिस्सा बन जाएं और उनकी वजह से फल, सब्जियां, whole grains और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ कम हो जाएं, तो diet की overall quality प्रभावित हो सकती है।

निष्कर्ष: स्वस्थ खाने का मतलब हर packaged food को अपनी shopping list से हटाना नहीं है। बेहतर तरीका है—कम चीनी, कम नमक और कम saturated fat वाले विकल्प चुनना, अधिक पौष्टिक minimally processed foods शामिल करना और पूरी diet का संतुलन बनाए रखना।

नोट: यह सामान्य पोषण संबंधी जानकारी है। यदि आपको diabetes, heart disease, kidney disease या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्यक्तिगत dietary बदलाव के लिए डॉक्टर या registered dietitian की सलाह लें।

Bharat Baani Bureau

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