26 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : झुकते समय, जमीन से कोई सामान उठाते हुए या लंबे समय तक बैठने के बाद पीठ में दर्द महसूस होना एक आम समस्या है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र, गलत मुद्रा या मांसपेशियों में खिंचाव का नतीजा मानते हैं। हालांकि, शरीर की कोर मसल्स यानी पेट, पीठ और श्रोणि के आसपास की मांसपेशियां भी रीढ़ को सहारा देने और रोजमर्रा की गतिविधियों में अहम भूमिका निभाती हैं। इन मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति कम होने पर कुछ लोगों को पीठ दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीठ दर्द का कोई एक कारण नहीं होता। मांसपेशियों में खिंचाव, रीढ़ की डिस्क से जुड़ी समस्याएं, उम्र के साथ होने वाले बदलाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए हर मामले में दर्द को केवल कमजोर कोर मसल्स से जोड़ना सही नहीं है।
क्या होती हैं कोर मसल्स?
कोर मसल्स शरीर के मध्य हिस्से की उन मांसपेशियों का समूह हैं, जो रीढ़ को सहारा देने, शरीर का संतुलन बनाए रखने और चलने-फिरने के दौरान स्थिरता में मदद करती हैं। इनमें पेट की सतही और गहरी मांसपेशियों के साथ पीठ तथा श्रोणि के आसपास की मांसपेशियां भी शामिल हैं।
जब कोई व्यक्ति कुर्सी से उठता है, झुककर सामान उठाता है, शरीर को घुमाता है या लंबे समय तक खड़ा रहता है, तब ये मांसपेशियां शरीर की गतिविधियों में योगदान देती हैं। यदि उनकी ताकत या सहनशक्ति पर्याप्त नहीं है, तो कुछ गतिविधियों के दौरान असुविधा महसूस हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के पीठ दर्द की वजह कमजोर कोर मसल्स ही हैं।
झुकने और वजन उठाने पर क्यों बढ़ सकता है दर्द?
पीठ के निचले हिस्से में दर्द कई बार झुकने, वजन उठाने, लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से बढ़ सकता है। अचानक भारी सामान उठाना या अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक मेहनत करना भी मांसपेशियों और लिगामेंट्स पर दबाव डाल सकता है।
इसके अलावा, रीढ़ की डिस्क में समस्या होने पर दर्द कूल्हे या पैर तक फैल सकता है। कुछ मामलों में सुन्नपन, झनझनाहट या पैरों में कमजोरी भी महसूस हो सकती है। इसलिए यदि दर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बढ़ रहा है या पैर तक फैल रहा है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
कोर मसल्स मजबूत करने के लिए क्या करें?
पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिए व्यायाम उपयोगी हो सकता है, लेकिन सही व्यायाम का चुनाव व्यक्ति की स्थिति और दर्द की गंभीरता के अनुसार किया जाना चाहिए। विशेषज्ञ की सलाह से तैयार किया गया कार्यक्रम बेहतर विकल्प हो सकता है।
कुछ लोगों के लिए निम्नलिखित अभ्यास उपयोगी हो सकते हैं:
- ब्रिज एक्सरसाइज: पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें और कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। दर्द बढ़ने पर व्यायाम रोक दें।
- मॉडिफाइड प्लैंक: शुरुआती स्तर पर आसान प्लैंक से पेट और धड़ की मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
- हल्की पैदल चाल: अपनी क्षमता के अनुसार नियमित चलना शारीरिक सक्रियता बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
- नियंत्रित मूवमेंट: अचानक झुकने या शरीर को तेजी से घुमाने के बजाय आरामदायक गति से गतिविधियां करें।
हर व्यक्ति के लिए एक ही व्यायाम उपयुक्त नहीं होता। यदि किसी गतिविधि से दर्द बढ़ता है या पैर में फैलने लगता है, तो उसे जारी रखने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। शोध और क्लिनिकल दिशानिर्देशों के अनुसार, पीठ दर्द के प्रबंधन में विभिन्न प्रकार के व्यायाम मदद कर सकते हैं; केवल कोर स्ट्रेंथनिंग ही एकमात्र विकल्प नहीं है।
सामान उठाते समय रखें ध्यान
रोजमर्रा की गतिविधियों में कुछ सावधानियां पीठ पर अनावश्यक दबाव कम करने में मदद कर सकती हैं। सामान उठाते समय उसके करीब खड़े हों, उसे शरीर के पास रखें और उठाने के लिए कूल्हों तथा घुटनों का इस्तेमाल करें। भारी या असुविधाजनक सामान उठाने में मदद लें और वजन उठाते समय शरीर को अचानक न मोड़ें। अपनी क्षमता से अधिक वजन उठाने से बचना भी जरूरी है।
लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना और अपनी गतिविधियों में बदलाव करना भी उपयोगी हो सकता है। दर्द होने पर पूरी तरह निष्क्रिय रहने के बजाय, अपनी सहनशीलता के अनुसार हल्की गतिविधियां जारी रखना अक्सर बेहतर रहता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि पीठ दर्द कुछ सप्ताह में ठीक नहीं होता, बहुत तेज है या लगातार बढ़ रहा है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। दर्द के साथ बुखार, बिना कारण वजन घटना या पैर में कमजोरी हो तो भी जांच जरूरी है। पेशाब या मल पर नियंत्रण खोने अथवा जांघों के बीच के हिस्से में संवेदना कम होने जैसे लक्षणों पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
निष्कर्ष: झुकने या वजन उठाने पर पीठ में दर्द होने का संबंध कोर मसल्स की कमजोरी से हो सकता है, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। सही कारण की पहचान, नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यक्ति की जरूरत के अनुसार व्यायाम पीठ के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
