29 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सीधे बैंक खातों में वित्तीय सहायता पहुंचने से उन्हें घरेलू खर्चों का प्रबंधन करने, बकाया भुगतान करने और परिवार के अन्य सदस्यों पर आर्थिक निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को जालंधर जिले के नकोदर के पास सरिंह गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी की विधायक इंदरजीत कौर मान, गायक कंठ कलेर और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना केवल सरकारी मदद का मामला नहीं है, बल्कि इससे उन्हें अपने परिवार और व्यक्तिगत जरूरतों से जुड़े फैसले लेने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। उनके मुताबिक, महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से उन्हें रोजमर्रा के खर्चों में राहत मिलती है और आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ता है।
मान ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पात्र महिलाओं तक वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लाभार्थियों को आश्वासन दिया कि योजना की अगली मासिक किस्त 1 नवंबर को उनके बैंक खातों में जमा कराई जाएगी।
‘जनता का पैसा जनता के कल्याण पर खर्च हो’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को दान या एहसान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, आम नागरिक रोजमर्रा की खरीदारी और उपभोग के माध्यम से करों के रूप में सरकारी खजाने में योगदान देते हैं और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए।
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में आम लोगों के कल्याण के लिए सार्वजनिक धन का पर्याप्त उपयोग नहीं हुआ। मान ने कहा कि मौजूदा सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ये पिछली सरकारों के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप थे।
मावां-धियां सत्कार योजना के तहत वित्तीय सहायता
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना के तहत पात्र सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह देने की व्यवस्था बताई गई है। सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने का उद्देश्य वित्तीय पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि योजना के तहत मिलने वाली सहायता जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग से महिलाओं को घर के खर्चों और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, योजना का वास्तविक प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पात्र महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचती है और वे इसका उपयोग अपनी जरूरतों के अनुसार कर पाती हैं।
लोक मिलनी में विकास कार्यों पर भी चर्चा
सरिंह गांव में आयोजित लोक मिलनी का उद्देश्य लोगों से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं तथा स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये का चेक सौंपा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता पंजाब में सामाजिक कल्याण से जुड़ी प्रमुख चर्चाओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वित्तीय सहायता महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और घरेलू स्तर पर अधिक स्वतंत्रता हासिल करने में मदद कर सकती है। योजना के आगे के क्रियान्वयन और किस्तों के नियमित भुगतान पर लाभार्थियों की नजर रहेगी।
