2 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत राज्य की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1,291 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। मुख्यमंत्री ने फाजिल्का जिले के अबोहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस आर्थिक सहायता की घोषणा की। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है।
एक करोड़ महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य की एक करोड़ महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना है। उनके अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 तक योजना के तहत 80.05 लाख महिलाओं का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
सरकार बाकी पात्र महिलाओं को भी योजना से जोड़ने के लिए काम कर रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे अपनी जरूरतों और परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले अधिक स्वतंत्रता के साथ ले सकें।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान को मजबूत करने वाला कदम बताया।
अब तक 3,934.80 करोड़ रुपये की सहायता वितरित
मुख्यमंत्री ने बताया कि मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत इससे पहले भी बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
सरकार के अनुसार, पहले चरण में 76.35 लाख महिलाओं को कुल 2,643.71 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई थी। अब 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1,291 करोड़ रुपये की नई राशि ट्रांसफर होने के बाद योजना के तहत कुल वितरित सहायता 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इस योजना के लिए सरकार ने सालाना 12,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।
परिवार की प्रत्येक पात्र महिला को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस योजना में परिवार आधारित ऐसी कोई पाबंदी नहीं है, जिसके कारण एक ही घर की दूसरी या तीसरी पात्र महिला को लाभ से वंचित रहना पड़े।
यदि किसी परिवार में तीन महिलाएं योजना की पात्रता पूरी करती हैं, तो तीनों को अलग-अलग आर्थिक सहायता मिल सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से आर्थिक लाभ पहुंचाना है। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अगली किस्त 1 दिसंबर को, 1 जनवरी को मिलेगा विशेष भुगतान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी किस्तों को लेकर भी जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि योजना की अगली किस्त 1 दिसंबर को लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी को पात्र पंजीकृत महिलाओं के खातों में तीन महीने की आर्थिक सहायता एक साथ जमा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इसे नए साल के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष उपहार बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी तक योजना के तहत पंजीकृत महिलाओं की संख्या एक करोड़ के लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगी।
सत्कार सखियों और आंगनवाड़ी वर्करों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के पंजीकरण और क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के योगदान की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 1,37,723 सत्कार सखियां महिलाओं के पंजीकरण में सहायता कर रही हैं। उनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, पंजीकरण प्रक्रिया में सहयोग करने वाली आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इन कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं की मदद से योजना की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने और पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने में सहायता मिली है।
सरकार की अन्य योजनाओं और उपलब्धियों का भी किया जिक्र
अबोहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार की अन्य योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने योग्यता के आधार पर 70,685 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 54 लाख हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। साथ ही आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियों का जिक्र किया। उनके अनुसार, सरकारी स्कूलों से NEET परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई।
सिंचाई व्यवस्था के संबंध में उन्होंने दावा किया कि नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का दायरा बढ़ा है और पहले नहर के पानी से वंचित रहे 1,587 गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी जताया विरोध
अबोहर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसानों की ओर से धान खरीद से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश भी की गई।
भारतीय किसान यूनियन के महासचिव गुनवंत सिंह संधू ने आरोप लगाया कि अनाज मंडियों में धान की खरीद के दौरान नमी और गुणवत्ता का हवाला देकर प्रति क्विंटल 5 से 8 किलोग्राम तक कटौती की जा रही है।
मुख्यमंत्री से अपनी मांगें रखने के लिए कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे कुछ किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
इसके अलावा, अबोहर के विधायक संदीप जाखड़ ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कर पाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिविल अस्पताल के पास रोक दिया गया, जहां एक मृत युवक के परिजन न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर सरकार का जोर
मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत 1,291 करोड़ रुपये का नया भुगतान पंजाब सरकार की महिला कल्याण योजनाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस राशि से 37.43 लाख से अधिक महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचा है।
सरकार का अगला लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को योजना के दायरे में लाना है। आने वाली 1 दिसंबर और 1 जनवरी की किस्तों पर भी लाभार्थियों की नजर रहेगी।
