2 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : इटली के युवा रेसिंग ड्राइवर किमी एंटोनेली ने फॉर्मूला-1 में इतिहास रच दिया है। मर्सिडीज के 20 वर्षीय ड्राइवर ने मैक्सिको सिटी ग्रां प्री में तीसरा स्थान हासिल कर 2026 का ड्राइवर्स वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ वह फॉर्मूला-1 के इतिहास में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए हैं। एंटोनेली ने जर्मनी के पूर्व चैंपियन सेबेस्टियन वेटल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
एंटोनेली ने 20 साल और 68 दिन की उम्र में यह खिताब जीता। इससे पहले सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड सेबेस्टियन वेटल के नाम था, जिन्होंने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में रेड बुल के लिए खिताब जीता था। इस सूची में लुईस हैमिल्टन, फर्नांडो अलोंसो और मैक्स वेरस्टैपेन जैसे दिग्गज ड्राइवर भी शामिल हैं।
मैक्सिको ग्रां प्री में तीसरे स्थान के साथ पक्का किया खिताब
मैक्सिको सिटी के ऑटोड्रोमो हरमनोस रोड्रिगेज सर्किट पर आयोजित 71 लैप की रेस में एंटोनेली चौथे स्थान से शुरुआत करने के बाद तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें चैंपियनशिप जीतने के लिए कम से कम नौवां स्थान हासिल करना जरूरी था। उन्होंने दबाव के बीच संयमित प्रदर्शन किया और पोडियम पर जगह बनाकर खिताब सुनिश्चित कर लिया।
रेस में रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि फेरारी के लुईस हैमिल्टन दूसरे स्थान पर रहे। वेरस्टैपेन ने हैमिल्टन को अंतिम चरण में पीछे रखते हुए जीत दर्ज की। एंटोनेली ने इन दोनों के पीछे तीसरे स्थान पर रहते हुए अपने करियर का पहला विश्व खिताब हासिल किया।
रेस के दौरान कई घटनाओं ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। कैडिलैक के वाल्टेरी बोटास की कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रेस को पहले सुरक्षा कार और फिर लाल झंडे के कारण रोकना पड़ा। बाद में दोबारा शुरुआत हुई। अंतिम चरण में अरविद लिंडब्लाड की दुर्घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा कार को ट्रैक पर उतारा गया। इन परिस्थितियों के बावजूद एंटोनेली ने अपनी स्थिति बनाए रखी।
इटली को सात दशक बाद मिला नया विश्व चैंपियन
एंटोनेली की जीत इटली के मोटरस्पोर्ट इतिहास के लिहाज से भी बेहद खास है। वह 1953 में अल्बर्टो असकारी के बाद फॉर्मूला-1 ड्राइवर्स चैंपियनशिप जीतने वाले पहले इतालवी ड्राइवर बन गए हैं। इससे इटली में मोटरस्पोर्ट प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ गया है।
एंटोनेली ने अपनी सफलता का श्रेय मर्सिडीज टीम और परिवार को दिया। खिताब जीतने के बाद उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में टीम और परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने इस पल को अपने जीवन की ऐसी उपलब्धि बताया, जिसे वह हमेशा याद रखेंगे।
दूसरे ही सीजन में हासिल किया सबसे बड़ा मुकाम
एंटोनेली ने फॉर्मूला-1 में अपना पदार्पण 2025 में मर्सिडीज के साथ किया था। कम उम्र में उन्हें टीम की ओर से बड़ी जिम्मेदारी मिली और उन्होंने अपने प्रदर्शन से लगातार प्रभावित किया। 2026 उनका फॉर्मूला-1 में दूसरा सीजन है और इसी दौरान उन्होंने विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।
उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि फॉर्मूला-1 में अनुभवी और विश्व स्तरीय ड्राइवरों के बीच प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन होती है। तकनीकी समझ, टायर प्रबंधन, रणनीति, मानसिक मजबूती और टीम के साथ तालमेल किसी भी ड्राइवर की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं। एंटोनेली ने इन सभी मोर्चों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपना नाम खेल के इतिहास में दर्ज करा लिया है।
इस खिताब के साथ मर्सिडीज को भी एक नया सितारा मिल गया है। एंटोनेली की उम्र और शुरुआती सफलता को देखते हुए उनसे आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अब फॉर्मूला-1 की दुनिया की नजरें इस युवा चैंपियन पर रहेंगी कि वह अपने पहले खिताब के बाद कितनी निरंतरता के साथ सफलता हासिल करते हैं।
किमी एंटोनेली की यह जीत केवल एक चैंपियनशिप खिताब नहीं, बल्कि फॉर्मूला-1 में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में भी देखी जा रही है।
