Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

New Treatment For Arthritis 24 सितम्बर 2024 : उम्र 40 के पार होते ही कई लोगों को घुटनों का दर्द परेशान करने लगता है. 40-50 की उम्र के बाद लोगों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और इससे जुड़ी समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है. घुटनों के दर्द को मेडिकल की भाषा में आर्थराइटिस कहा जाता है, जिसमें लोगों के घुटनों का कार्टिलेज डैमेज हो जाता है और इसे चलने-फिरने में लोगों को दर्द महसूस होता है. यह बेहद दर्दनाक बीमारी है और इससे छुटकारा पाने के लिए लोगों को घुटनों का ट्रांसप्लांट कराना पड़ता है. हालांकि अब वैज्ञानिकों ने घुटनों के दर्द से राहत पाने का एक आसान तरीका ढूंढ लिया है.

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि बेहद छोटे-छोटे प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का इंजेक्शन घुटनों में लगाया जाए, तो इससे ऑस्टियो आर्थराइटिस के मरीजों को दर्द से राहत मिल सकती है. यह रिसर्च ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के एक्सपर्ट्स ने की है. इस स्टडी में शामिल कई मरीजों को प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का इंजेक्शन दिया गया, तो इससे उनके घुटनों के दर्द में कमी आई और चलने-फिरने में मदद मिली. प्लास्टिक के ये ग्रेन्यूल्स बायोफिट्रेटेबल होते हैं और शरीर में जाकर सूजन को कम करने में मदद करते हैं.

इस रिसर्च में 200 से ज्यादा मरीजों को शामिल किया गया था और प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स का इंजेक्शन मिलने के बाद अधिकतर मरीजों को घुटनों के दर्द से काफी हद तक राहत मिली. इस रिसर्च के परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपचार उन मरीजों के लिए एक विकल्प हो सकता है, जिन्हें अन्य ट्रीटमेंट से फायदा नहीं मिल रहा है. इस नई खोज से उम्मीद जगी है कि प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं. ये टुकड़े शरीर में जाकर सूजन बढ़ाने वाले केमिकल्स के प्रोडक्शन को रोक देते हैं, जिससे घुटनों के दर्द से राहत मिलती है.

शोधकर्ताओं की मानें तो यह नया ट्रीटमेंट घुटनों के दर्द को काफी हद तक कम कर सकता है और कई लोगों को घुटनों के ट्रांसप्लांट से बचा सकता है. हालांकि यह हर मरीज के लिए उतना प्रभावी नहीं होता है. यह ट्रीटमेंट हल्के से मॉडरेट डिजीज वाले मरीजों के लिए सबसे असरदार है, जिन लोगों को पेनकिलर्स और फिजियोथेरेपी से फायदा नहीं मिल रहा है. जो लोग लंबे समय से घुटनों के दर्द से जूझ रहे हैं और नी ट्रांसप्लांट की कंडीशन में नहीं हैं, उनके लिए प्लास्टिक इंजेक्शन कारगर हो सकता है.

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *