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नई दिल्ली 04 जुलाई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : गुजरात में देश के सबसे महत्त्वाकांक्षी हाईवे प्रोजेक्ट्स में से एक अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर अब विवादों में घिर गया है. सड़क निर्माण में अनियमितताओं का मामला सामने आते ही कार्रवाई की गाज इंजीनियरों से लेकर NHAI के अधिकारियों तक पर गिरी है. सवाल अब सिर्फ सड़क की दरारों का नहीं बल्कि सिस्टम में फैली लापरवाही का भी है.

पूरा मामला NH-754K के सांचोर-सांतलपुर सेक्शन का है. जहां करीब 2.71 किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क की परतें उखड़ी हुई पाई गईं. कहीं दरारें तो कहीं जल निकासी का लचर इंतजाम. यह सब उस प्रोजेक्ट में हुआ जो देश की व्यापारिक रफ्तार को नई उड़ान देने के लिए तैयार किया गया था. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी की सामग्री और फॉल्टी ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया था.

2.8 करोड़ रुपए का जुर्माना भी
इस गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर ठेकेदार कंपनी CDS Infra Projects Ltd. को जिम्मेदार ठहराया गया है. हालांकि कंपनी को अभी तक फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है इसलिए उसे पूरी मरम्मत अपने खर्चे पर करनी होगी. लेकिन सिर्फ मरम्मत से बात खत्म नहीं हुई NHAI ने इस कंपनी को सभी नए टेंडरों से तुरंत बाहर कर दिया है और 2.8 करोड़ रुपए का जुर्माना भी ठोका गया है.

इतना ही नहीं प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही इंजीनियरिंग कंपनियां SA Infra और Upham को भी डिबार कर दिया गया है. वहीं NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पाटनपुर) को सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई बताती है कि अब लापरवाही पर पर्दा डालना मुमकिन नहीं होगा.

इस मामले की तकनीकी जांच के लिए अब IIT बनारस, IIT दिल्ली और IIT गांधीनगर के प्रोफेसरों की विशेषज्ञ कमेटियां गठित की गई हैं. ये टीमें साइट से सैंपल ले रही हैं और सुधार के लिए वैज्ञानिक समाधान सुझाएंगी. उधर CDS Infra ने सुधार कार्य शुरू कर दिया है लेकिन अब देश पूछ रहा है “क्या ये सुधार जनता के भरोसे की दरारें भी भर पाएंगे?”

सारांश:
अमृतसर-जामनगर हाईवे पर दरारें पड़ने की शिकायत सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर NHAI के एक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया और निर्माण कंपनी पर ₹2 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया गया। यह कदम निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

Bharat Baani Bureau

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