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28 अक्टूबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर को खेल के मैदान पर अचानक गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत ICU में ले जाना पड़ा। श्रेयस अय्यर को जो इंजरी हुई है उसे स्प्लीनिक रप्चर कहा जाता है। बताया जा रहा है कि मैच के दौरान उन्हें पेट पर जोरदार चोट लगी, जिसके बाद यह दुर्लभ लेकिन जानलेवा स्थिति पैदा हुई और उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी। आनन फानन में श्रेयस अय्यर को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। आइये डॉक्टर से जानते हैं श्रेयस अय्यर को क्या इंजरी हुई और ये कितनी खतरनाक हो सकती है।

जानलेवा हो सकती है स्प्लीनिक रप्चर इंजरी

स्प्लीनिक रप्चर (तिल्ली फटना) एक गंभीर मेडिकल कंडीशन होती है, जिसमें तिल्ली की बाहरी झिल्ली या ऊतक फट जाता है और पेट के भीतर इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। तिल्ली एक छोटी मुट्ठी के आकार की ग्रंथि है जो बाईं पसलियों के नीचे स्थित होती है। इसका काम खून को शुद्ध करना और संक्रमणों से शरीर की रक्षा करना होता है।  इसकी नाजुक संरचना और रक्त प्रवाह की अधिकता के कारण यह पेट की चोटों में सबसे अधिक प्रभावित होने वाला अंग है। चोट के बाद यह तुरंत या कुछ समय बाद भी फट सकती है। अधिकतर मामलों में यह चोट स्पोर्ट्स इंजरी, सड़क दुर्घटना या गिरने जैसी घटनाओं के बाद होती है। हालांकि, कुछ मामलों में तिल्ली का आकार बढ़ने (जैसे संक्रमण या रक्त संबंधी बीमारियों के कारण) के कारण भी ये फट सकती है।

यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है क्योंकि स्प्लीनिक में ब्लड वेसेल्स बहुत ज्यादा होती हैं। ऐसे में यदि यह फट जाए तो भारी मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है। जो कुछ ही मिनटों में शॉक (Shock) और मौत तक का कारण बन सकता है।

स्प्लीनिक रप्चर के लक्षण

  • ऊपरी बाएं पेट में तेज दर्द
  • दर्द का बाएं कंधे तक फैलना
  • चक्कर आना
  • बेचैनी 
  • भ्रम जैसा महसूस होना

जान के लिए है खतरनाक

फेमस गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर विशाल खुराना बताते हैं, ‘स्प्लीन फटने की स्थिति में हर मिनट कीमती होता है। यदि तुरंत सर्जरी या इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट न किया जाए तो मरीज की जान पर खतरा बन सकता है, क्योंकि अनियंत्रित रक्तस्राव से हेमरेजिक शॉक हो सकता है।’

चोट लगने के बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाएं 

डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे मामलों में तेज पेट दर्द, बाएं कंधे तक फैलता दर्द, चक्कर, घबराहट और बेहोशी जैसे लक्षण तुरंत चिकित्सा जांच की मांग करते हैं। अय्यर के मामले में चिकित्सकों की तत्परता से उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

खिलाड़ियों को बरतनी चाहिए सावधानी

खेल चिकित्सकों का कहना है कि जिन खिलाड़ियों को हाल ही में संक्रमण (जैसे मोनोन्यूक्लिओसिस) या अन्य ऐसी बीमारियां हुई हों जो तिल्ली को प्रभावित करती हैं, उन्हें खेल में वापसी से पहले मेडिकल अनुमति जरूर लेनी चाहिए। वहीं आम लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी भी पेट की चोट के बाद यदि तेज दर्द या चक्कर जैसा अनुभव हो तो तुरंत अस्पताल जाएं, क्योंकि अनदेखी इंटरनल ब्लीडिंग जानलेवा साबित हो सकती है।

सारांश:
भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की चोट को लेकर डॉक्टर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मेडिकल कंडीशन गंभीर हो सकती थी और समय पर इलाज न मिलने पर उनके करियर को खतरा हो सकता था। डॉक्टरों ने बताया कि अय्यर अब रिकवरी की राह पर हैं, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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