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03 नवंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) भारतीय महिला खिलाड़ियों वर्ल्ड कप में शानदार जीत के साथ इतिहास रच दिया है। हर तरफ उनके खेल और जज्बे की तारीफ हो रही है। लेकिन जो जेमिमा रोड्रिग्स ने किया वो हमेशा याद किया जाएगा। वैसे तो हर मैच से पहले खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत और संघर्ष से गुजरना होता है। खराब फॉर्म के चलते कई बार आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ता है। कई बार इंसान अंदर से टूट जाता है और इसका असर दिमागी सेहत पर भी होने लगता है। हाल ही में क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स ने खुलासा किया कि पिछले कुछ मैचों के दौरान एंग्जाइटी का शिकार हो रही थीं। 

जेमिमा रोड्रिग्स थीं एंग्जाइटी का शिकार

जेमिमा ने खुलासा किया था कि वह काफी लंबे समय तक एंग्जाइटी और सेल्फ डाउट की समस्या से परेशान रही हैं। उन्होंने बताया कि वो मैचों से पहले लगभग हर दिन रोती थीं। जेमिमा ने कहा,’टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं बहुत स्ट्रेस से गुजर रही थी। मैं अपनी मां को फोन करती और पूरे समय रोती रहती थी, क्योंकि जब आप स्ट्रेस से गुजर रहे होते हैं, तो आप ब्लैंक महसूस करते हैं’

एंग्जाइटी का शिकार होने पर क्या करें?

ऐसे मुश्किल वक्त में हौसला बढ़ाने के लिए अपनों का साथ देना बहुत जरूरी है। एंग्जाइटी का शिकार होने वालों को खुलकर बात करने और अपनी फीलिंग को एक्सप्रेस करने के लिए कोई होना जरूरी है। इससे एंग्जाइटी और ड्रिप्रेशन की समस्या को कम किया जा सकता है। मेंटल हेल्थ को कई बार इग्नोर कर देते हैं जबकि ये फिजिकल हेल्थ के बराबर ही अहम है। अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें तो समझ लें कि आप एंग्जाइटी के शिकार हैं।

एंग्जाइटी के लक्षण

  • घबराहट और बेचैनी महसूस होती है
  • सांस लेने में परेशानी होती है
  • टेंशन,नींद न आना और चक्कर आते हैं
  • उल्टी, जी मिचलाना और पेट गड़बड़ हो जाता है
  • थकान, कमजोरी और पसीना आता है
  • हाथ-पैर सुन्न या ठंडे पड़ने लगते हैं
  • कई बार अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाती है
  • उदासी और किसी काम में मन नहीं लगता है

एंग्जाइटी को कैसे ठीक करें?

एंग्जाइटी कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप किसी से अपने दिल की बात शेयर करें। खुल कर बात करें और मन में चीजों को रखकर न बैठें। स्थिति गंभीर होने पर आप किसी मनोचिकित्सा और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी के जरिए एंग्जायटी डिसऑर्डर का इलाज करवा सकते हैं। 

सारांश:
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स ने खुलासा किया कि वह एंग्जायटी की शिकार रही हैं। उन्होंने बताया कि दबाव और असफलता के डर से मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा, लेकिन परिवार और टीम के सहयोग से उन्होंने इस दौर को पार किया। विशेषज्ञों के अनुसार, एंग्जायटी के लक्षणों में बेचैनी, नींद की कमी और नकारात्मक विचार शामिल होते हैं।

Bharat Baani Bureau

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