9  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मानसून के मौसम में बच्चों में संक्रमण, सर्दी-जुकाम, पेट संबंधी समस्याएं और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की संतुलित और पौष्टिक डाइट उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) मजबूत रखने और स्वस्थ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में बच्चों के भोजन में ताजे फल, मौसमी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध, दही और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी और स्वच्छ भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मानसून में बच्चों के लिए एक दिन का सैंपल मील प्लान

नाश्ता:

  • वेजिटेबल पोहा या दलिया
  • एक गिलास दूध
  • एक मौसमी फल (जैसे केला या सेब)

मिड-मॉर्निंग स्नैक:

  • दही या ताजे फलों का छोटा कटोरा

दोपहर का भोजन:

  • रोटी या चावल
  • दाल
  • हरी सब्जी
  • सलाद (अच्छी तरह धोकर)

शाम का नाश्ता:

  • भुना चना, मखाना या अंकुरित अनाज
  • नारियल पानी या घर का बना सूप

रात का भोजन:

  • रोटी
  • पनीर, दाल या चिकन (यदि परिवार के भोजन का हिस्सा हो)
  • पकी हुई सब्जियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, अधपका भोजन और लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना देने से बचना चाहिए। इससे फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा बच्चों को पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और हाथ धोने जैसी स्वच्छता की आदतें भी सिखानी चाहिए। ये उपाय संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि बच्चे को लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या भूख न लगने जैसी समस्या हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

Bharat Baani Bureau

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