11 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : दिल्ली में H1N1 फ्लू के मामलों में छह गुना बढ़ोतरी की खबर ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। H1N1, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है, इन्फ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं।
H1N1 के सामान्य लक्षण
H1N1 संक्रमण में आम तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है, खासकर बच्चों में।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
कुछ लोगों में फ्लू के गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक हो सकता है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग शामिल हो सकते हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
यदि बुखार या सांस संबंधी लक्षण लगातार बने रहें, तेजी से बिगड़ें या मरीज को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या होंठ/चेहरे पर नीलेपन जैसे गंभीर संकेत दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय जोखिम वाले लोगों को समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेना उचित नहीं है।
फ्लू से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, बीमार लोगों से दूरी बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन्फ्लुएंजा वैक्सीन पर विचार करना उपयोगी हो सकता है।
