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9 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  पूर्व पंजाब मुख्य सचिव और वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर स्थित जोनल कार्यालय में पेश हुए। उनकी यह पेशी मोहाली के Suntec City प्रोजेक्ट से जुड़े कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुई है। वर्मा सुबह करीब 11:08 बजे ED कार्यालय पहुंचे और उनके हाथ में दस्तावेजों की एक फाइल थी।

ED की जांच मुख्य रूप से Suntec City और Altus Space Builders Private Limited से जुड़े प्रोजेक्ट्स में Change of Land Use (CLU), स्वीकृत लेआउट में बदलाव और विकास संबंधी मंजूरियों की प्रक्रिया पर केंद्रित है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसलों में नियमों का पालन किया गया था या नहीं और क्या किसी निजी बिल्डर को कथित तौर पर फायदा पहुंचाया गया।

अनुराग वर्मा की भूमिका इसलिए जांच के दायरे में आई है क्योंकि संबंधित अवधि में वह पंजाब के Housing and Urban Development Department के प्रमुख पदों पर रहे थे। वर्तमान में वह Additional Chief Secretary (Revenue) के पद पर कार्यरत हैं। ED उनसे उन प्रशासनिक फैसलों और अनुमोदनों के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है, जो अब जांच का हिस्सा हैं।

पहले भी टली थी पेशी

वर्मा को इससे पहले 31 अगस्त को ED के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। हालांकि, उन्होंने उस दिन पेश होने के बजाय जांच अधिकारियों से अतिरिक्त समय मांगा था। उन्होंने कथित तौर पर जांच में मांगे गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड को जुटाने के लिए समय की मांग की थी।

इसके बाद ED ने उनकी पेशी की नई तारीख तय की। 7 सितंबर के लिए निर्धारित पेशी को भी बाद में बदलकर 9 सितंबर कर दिया गया। ED ने ईमेल के जरिए उन्हें नई तारीख की जानकारी दी थी।

अब वर्मा के ED कार्यालय पहुंचने के साथ ही एजेंसी की जांच में उनका बयान दर्ज किए जाने और संबंधित दस्तावेजों की जांच किए जाने की संभावना है। जांच का फोकस उन सरकारी प्रक्रियाओं को समझने पर है, जिनके तहत परियोजनाओं को CLU और अन्य विकास संबंधी मंजूरियां मिलीं।

Suntec City प्रोजेक्ट जांच के केंद्र में

Suntec City मामला उस व्यापक जांच का हिस्सा है जिसमें मोहाली और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े कथित भूमि उपयोग और मंजूरी संबंधी उल्लंघनों की जांच की जा रही है।

ED यह देख रही है कि परियोजनाओं के लिए भूमि उपयोग में बदलाव, लेआउट में संशोधन और अन्य विकास मंजूरियों को किस प्रक्रिया के तहत मंजूरी दी गई। एजेंसी यह भी जांच रही है कि क्या इन फैसलों से किसी निजी डेवलपर को अनुचित लाभ मिला।

जांच में Muirwood Ecocity प्रोजेक्ट से जुड़े फैसले भी सामने आए हैं। आरोपों के अनुसार, परियोजना के कुछ ग्रुप हाउसिंग साइट्स से जुड़े फैसलों और बाद में उनके हस्तांतरण की प्रक्रिया भी एजेंसी की जांच के दायरे में है।

ED की कार्रवाई एक ऐसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है, जिसमें एजेंसी ने रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल को भी जांच के तहत गिरफ्तार किया था। एजेंसी कथित तौर पर किसानों की जमीन और CLU प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों में अनियमितताओं की जांच कर रही है।

दूसरे IAS अधिकारी से भी हो चुकी है पूछताछ

इस मामले में अनुराग वर्मा से पहले पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ से भी ED ने पूछताछ की है। उन्हें 18 और 27 अगस्त को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था। उनसे Suntec City परियोजना में CLU मंजूरियों और लेआउट में किए गए बदलावों से जुड़े सवाल पूछे गए थे।

ED ने अब इसी मामले में मोहाली के SSP वरुण शर्मा को भी 10 सितंबर को जालंधर स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है। एजेंसी कथित तौर पर किसानों को जमीन अधिग्रहण से पहले ठगे जाने से जुड़े मामलों में पुलिस से जानकारी मांग रही है।

जांच में क्या देख रही है ED?

जांच एजेंसी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित परियोजनाओं में:

  • CLU की मंजूरियां नियमों के मुताबिक दी गईं या नहीं।
  • स्वीकृत लेआउट में बदलाव किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में किए गए।
  • सरकारी अधिकारियों और निजी डेवलपर्स के बीच निर्णय लेने की प्रक्रिया क्या रही।
  • क्या किसी नियम या प्रक्रिया में कथित तौर पर छूट दी गई।
  • क्या इन फैसलों से किसी निजी पक्ष को आर्थिक लाभ पहुंचा।
  • परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और प्रशासनिक फाइलों में क्या जानकारी दर्ज है।

हालांकि, ED की जांच अभी जारी है और किसी अधिकारी का समन या पूछताछ अपने आप में अपराध या दोष साबित नहीं करता। संबंधित अधिकारियों ने पहले कहा है कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं होने दिया और न ही किसी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया।

अनुराग वर्मा की बुधवार को हुई पेशी अब इस मामले में जांच के अगले चरण की ओर संकेत करती है। ED उनके बयान और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है। इस बीच Suntec City और उससे जुड़े अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भूमि उपयोग, लेआउट बदलाव और सरकारी मंजूरियों की जांच जारी है।

Bharat Baani Bureau

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