10 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने संगठन के शीर्ष स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। पार्टी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अपनी सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्था Political Affairs Committee (PAC) में शामिल किया है। वहीं, मुख्यमंत्री मान के करीबी सहयोगी राजबीर सिंह घुम्मन को नई 23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब AAP पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर रही है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुधवार शाम वर्चुअल माध्यम से हुई, जिसमें देशभर से 330 सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नई टीम का गठन किया गया।
PAC में मान और चीमा की एंट्री
AAP की Political Affairs Committee पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है। यह समिति संगठनात्मक मामलों के अलावा चुनावी रणनीति, महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चयन जैसे मुद्दों पर निर्णय लेती है। ऐसे में भगवंत मान और हरपाल सिंह चीमा को PAC में स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाना पंजाब के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण है।
भगवंत मान पहले मुख्यमंत्री होने के नाते PAC में विशेष आमंत्रित सदस्य थे। अब उन्हें समिति का स्थायी सदस्य बनाया गया है। हरपाल सिंह चीमा भी अब इस शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था का हिस्सा होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन को भी PAC में नया सदस्य बनाया गया है।
यह कदम पंजाब के नेताओं की पार्टी के राष्ट्रीय निर्णयों में भूमिका को और मजबूत करता है। खासकर आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों में राज्य नेतृत्व की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन
राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान AAP ने 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय, राघवेंद्र? सहित कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। सूची में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री हरपाल चीमा और राजबीर सिंह घुम्मन भी शामिल हैं।
राजबीर सिंह घुम्मन का राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होना पंजाब के दृष्टिकोण से विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान का सहयोगी माना जाता है। पार्टी की नई राष्ट्रीय संरचना में उनका शामिल होना पंजाब नेतृत्व और AAP के केंद्रीय संगठन के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अरविंद केजरीवाल, आतिशी, आदिल अहमद खान, अनुराग ढांडा, भगवंत मान, दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, गोपाल इटालिया, गोपाल राय, रानी अग्रवाल, हरपाल चीमा, मनीष सिसोदिया, मोहम्मद इरशाद, एनडी गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रीति शर्मा मेनन, पृथ्वी रेड्डी, राखी बिरला, बिभव कुमार, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, शैली ओबेरॉय और राजबीर सिंह घुम्मन शामिल हैं।
केजरीवाल फिर बने राष्ट्रीय संयोजक
बैठक में अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से AAP का राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। वहीं पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव और एनडी गुप्ता को दोबारा कोषाध्यक्ष चुना गया। पार्टी के मुताबिक, राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देशभर के 330 सदस्य वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
केजरीवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। पंजाब AAP के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है क्योंकि राज्य में पार्टी की सरकार है और 2027 की विधानसभा लड़ाई से पहले संगठन को मजबूत करना उसकी प्रमुख प्राथमिकता है।
इससे पहले जून 2026 में केजरीवाल ने पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव के लिए भगवंत मान को पार्टी का चेहरा घोषित किया था। उन्होंने उस समय चुनाव के नवंबर 2026 में होने की संभावना का भी उल्लेख किया था, हालांकि सामान्य निर्धारित समय फरवरी 2027 बताया गया था।
PAC में बदलाव का राजनीतिक महत्व
नई PAC संरचना ऐसे समय सामने आई है जब पार्टी के संगठन में भी बदलाव हुए हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक, जो पहले PAC के सदस्य थे, अब पार्टी छोड़ चुके हैं। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को PAC में शामिल करने से शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था में पंजाब नेतृत्व की प्रत्यक्ष मौजूदगी बढ़ी है।
पंजाब में AAP सरकार के खिलाफ विपक्षी दल लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को उठा रहे हैं। दूसरी ओर, पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में अपने प्रदर्शन को सरकार के समर्थन के रूप में पेश कर रही है। ऐसे माहौल में संगठनात्मक स्तर पर यह बदलाव आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AAP ने पंजाब के लिए पहले ही भगवंत मान को अपना प्रमुख चेहरा बनाए रखने का संकेत दे दिया है। अब उन्हें PAC में स्थायी भूमिका मिलने से पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के फैसलों में उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
चुनावी तैयारी पर नजर
AAP के लिए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव सत्ता में बने रहने की चुनौती है। पार्टी 2022 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई थी और भगवंत मान मुख्यमंत्री बने थे। अब पार्टी को सरकार के प्रदर्शन के साथ-साथ संगठन, उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति को लेकर भी मजबूत तैयारी करनी होगी।
नई PAC और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पंजाब के प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण भूमिका मिलना इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि चुनावी नतीजे कई राजनीतिक और सामाजिक कारकों पर निर्भर करेंगे, लेकिन संगठनात्मक बदलाव से यह साफ है कि AAP ने आगामी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को गति दे दी है।
अब पार्टी की नई टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखना और पंजाब में सत्ता बरकरार रखने के लिए प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करना होगी।
