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10 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): पंजाब के संगरूर जिले में 47 वर्षीय खेत मजदूर गुलजार सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले में कुल पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और पांचवें आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पंजाब सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) रैंक के अधिकारी की अगुवाई में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया है।

गुलजार सिंह की मौत ने पंजाब में नशे की समस्या, ग्रामीण स्तर पर कथित दबाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया है। परिवार का दावा है कि सरकार ने एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ पर्याप्त मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया है।

पांच लोगों पर दर्ज हुआ मामला

संगरूर पुलिस के मुताबिक, गुलजार सिंह की मौत के संबंध में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में गांव की पंचायत से जुड़े लोगों समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

FIR में बलजीत सिंह, गोना सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह और बलजिंदर सिंह के नाम दर्ज किए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुलजार सिंह को जातिसूचक अपशब्द कहे गए और कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान किया गया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

पुलिस ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।

मंत्री से सवाल पूछने के बाद सामने आया मामला

गुलजार सिंह की मौत से पहले हुई एक घटना ने पूरे मामले को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया। रविवार को एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से राज्य में बिक रहे नशे को लेकर सवाल किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, गुलजार ने अपने बेटे के कथित रूप से नशे की गिरफ्त में आने और उसके द्वारा “चिट्टा” खरीदे जाने का मुद्दा उठाया था। मंत्री से सवाल करने के बाद ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें गुलजार सिंह कथित तौर पर यह कहते दिखाई दिए कि उन्होंने कीटनाशक पी लिया है और अब वह बच नहीं पाएंगे।

इसके बाद उनकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने राज्य में नशे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिवार ने लगाए दबाव के आरोप

गुलजार सिंह के परिवार ने आरोप लगाया कि मंत्री से सवाल पूछने के बाद पुलिसकर्मियों और स्थानीय AAP नेताओं ने उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया। परिवार के अनुसार, इस कथित दबाव और उत्पीड़न ने गुलजार की मानसिक स्थिति को और प्रभावित किया।

हालांकि, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी ने विपक्ष पर एक दुखद घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। AAP का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई हो रही है और नशे के खिलाफ सरकार लगातार अभियान चला रही है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

गुलजार सिंह की मौत को लेकर विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की जांच और उनके इस्तीफे की मांग की है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने चीमा के इस्तीफे की मांग करते हुए FIR में उनका नाम शामिल करने की भी बात कही। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले लोगों को कथित तौर पर डराया-धमकाया जा रहा है।

कांग्रेस ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च भी किया। प्रदर्शनकारियों ने नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर AAP सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गुलजार सिंह की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग की।

SC आयोग ने भी लिया संज्ञान

मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। इससे यह मामला केवल राज्य की पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी निगरानी शुरू हो गई है।

सरकार द्वारा गठित SIT अब मौत की परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों, कथित दबाव और FIR में नामजद लोगों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस की कार्रवाई के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है।

नशे का मुद्दा फिर केंद्र में

गुलजार सिंह की मौत ने पंजाब में नशे की समस्या को एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है। उनके परिवार की कहानी यह सवाल उठाती है कि नशे की लत का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल पुलिस चार गिरफ्तारियों के बाद पांचवें आरोपी की तलाश कर रही है और SIT जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

Bharat Baani Bureau

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