Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

17 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। ऊंचाई से डरने वालों के लिए Fall 2: Deadpoint किसी सिनेमाई सैर से कम नहीं है। 2022 की सर्वाइवल थ्रिलर Fall की इस सीक्वल में फिर वही मूल डर लौटता है—ऊंचाई, नीचे गिरने का खतरा और ऐसी जगह फंस जाना जहां मदद की कोई उम्मीद नजर नहीं आती। इस बार कहानी एक जर्जर टीवी टावर के बजाय थाईलैंड के काल्पनिक माउंट क्वान की खतरनाक चढ़ाई पर ले जाती है।

फिल्म का निर्देशन माइकल और पीटर स्पीरीग ने किया है, जबकि स्कॉट मैन और जोनाथन फ्रैंक ने पटकथा लिखी है। फिल्म में हैरियट स्लेटर और अरसेमा थॉमस मुख्य भूमिकाओं में हैं। लगभग 98 मिनट लंबी यह फिल्म 2 सितंबर 2026 को रिलीज हुई।

कहानी फिर ऊंचाई और मौत के बीच

कहानी जेक्स यानी Jax से शुरू होती है, जो अपनी दिवंगत बहन शिलोह की मौत के गम और अपराधबोध से जूझ रही है। शिलोह एक रोमांच पसंद करने वाली YouTuber थी और उसकी मौत के बाद उसकी दोस्त लूस यानी Luce जेक्स को उसकी अधूरी साहसिक योजनाओं में से एक पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।

दोनों थाईलैंड के माउंट क्वान पहुंचती हैं, जहां उन्हें हजारों फीट की ऊंचाई पर चट्टानों के बीच बने संकरे रास्तों और लकड़ी के तख्तों से गुजरना है। शुरुआत में यह एक रोमांचक चुनौती लगती है, लेकिन बारिश, भूस्खलन, टूटते रास्ते और खराब होते सुरक्षा उपकरण जल्द ही इसे जिंदगी और मौत की लड़ाई में बदल देते हैं।

असली ताकत है ऊंचाई का डर

फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी visual tension है। कैमरा बार-बार दर्शक को नीचे मौजूद गहरी खाई दिखाता है और पात्रों के पैरों, ढीले पड़ते बोल्ट, लकड़ी के तख्तों और सुरक्षा रस्सियों पर ध्यान केंद्रित करता है।

यही वह जगह है जहां Deadpoint अपना काम बखूबी करती है। कई दृश्यों में दर्शक खुद को पात्रों के साथ उस ऊंचाई पर महसूस कर सकता है। The Indian Express ने भी माना कि फिल्म ऊंचाई से पैदा होने वाले डर को प्रभावी ढंग से पैदा करती है, भले ही कहानी हमेशा उतनी मजबूत न रह पाए।

क्या सीक्वल ने पहली फिल्म का फॉर्मूला दोहराया?

यहीं फिल्म को लेकर आलोचनाएं सामने आती हैं। पहली Fall की सबसे बड़ी ताकत उसकी सरलता थी—दो लोग, एक ऊंची जगह और नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं। Deadpoint लगभग उसी फॉर्मूले को नए स्थान और नए पात्रों के साथ दोहराती है।

कुछ समीक्षकों ने इसे फिल्म की कमजोरी माना है। The Guardian के अनुसार सीक्वल में मूल फिल्म जैसी कसावट नहीं है और इसकी कहानी कई जगह बनावटी लगती है। RogerEbert.com ने भी लिखा कि फिल्म के रोमांचक हिस्से देर से शुरू होते हैं और बाद में दोहराव महसूस होने लगता है।

हालांकि भारतीय समीक्षाओं में तस्वीर थोड़ी अलग है। Times of India ने इसे फॉर्मूलाबद्ध होने के बावजूद रोमांच पैदा करने वाली फिल्म माना और 5 में से 3.5 स्टार दिए।

किरदारों को लेकर कहानी कमजोर पड़ती है

जेक्स और लूस के बीच संबंध कहानी का भावनात्मक आधार है। जेक्स अपनी बहन की मौत और उनके बीच हुई आखिरी बातचीत के बोझ से बाहर निकलना चाहती है, जबकि लूस के लिए यह यात्रा अपनी दिवंगत दोस्त की याद को सम्मान देने का तरीका है।

हैरियट स्लेटर और अरसेमा थॉमस ने अपने किरदारों के शारीरिक और भावनात्मक संघर्ष को पूरी प्रतिबद्धता से निभाया है। लेकिन कुछ समीक्षकों के अनुसार पटकथा उन्हें कई ऐसे फैसले लेने पर मजबूर करती है जो सामान्य परिस्थितियों में समझना मुश्किल हैं। The Irish Times ने भी किरदारों की प्रेरणाओं और कहानी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

तीसरे एक्ट में नया मोड़

फिल्म केवल प्राकृतिक खतरे तक सीमित नहीं रहती। कहानी आगे बढ़ने पर इसमें ड्रग-स्मगलिंग से जुड़ा एक ट्रैक भी शामिल हो जाता है। यह बदलाव कुछ दर्शकों के लिए कहानी को और रोमांचक बना सकता है, लेकिन कई समीक्षकों ने इसे मुख्य सर्वाइवल कहानी से भटकाव माना है।

India Live की समीक्षा के अनुसार, तीसरे एक्ट में ड्रग-स्मगलिंग का प्रवेश फिल्म के मूल सर्वाइवल-थ्रिलर प्रभाव को कमजोर करता है।

क्या फिल्म देखनी चाहिए?

अगर आपको ऊंचाई, चढ़ाई और सर्वाइवल थ्रिलर वाली फिल्में पसंद हैं, तो Fall 2: Deadpoint में आपके लिए पर्याप्त तनाव और रोमांच है। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसकी लोकेशन, ऊंचाई का इस्तेमाल और कुछ ऐसे दृश्य हैं जिनमें दर्शक अनायास अपनी सीट पकड़ लेता है।

लेकिन अगर आप मजबूत कहानी, विश्वसनीय किरदारों और लगातार तार्किक पटकथा की उम्मीद करते हैं, तो फिल्म कुछ निराश कर सकती है। आलोचनात्मक प्रतिक्रियाओं में भी यही विभाजन दिखाई देता है—कुछ समीक्षकों ने इसके थ्रिल को सराहा, जबकि अन्य ने इसे पहली फिल्म की तुलना में दोहराव भरा और कमजोर बताया।

कुल मिलाकर, Fall 2: Deadpoint दर्शकों को एक बार फिर ऊंचाई के डर से रूबरू कराती है। यह मूल फिल्म की अवधारणा को बहुत ज्यादा नहीं बदलती, लेकिन खतरनाक चढ़ाई और मौत के करीब पहुंचते दृश्यों के जरिए पर्याप्त रोमांच पैदा करती है। अंत में फिल्म तीसरे अध्याय की संभावना का संकेत भी देती है—यानी इस फ्रेंचाइजी में डर की ऊंचाई अभी और बढ़ सकती है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *