17 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। पंजाब सरकार राज्य में नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने और आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के लिए 27 नवंबर 2026 को राज्यभर में सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज आयोजित करेगी। यह अभ्यास सभी जिलों में रात 8 बजे शुरू होगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का आकलन करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य और बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय को जांचना है।
दो मिनट तक बजेगा एयर रेड वार्निंग सायरन
अभ्यास की शुरुआत दो मिनट के एयर रेड वार्निंग सायरन से होगी। इस दौरान सायरन में हाई-लो पिच का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलों में डिप्टी कमिश्नर-कम-कंट्रोलर, सिविल डिफेंस की ओर से चिन्हित क्षेत्रों में सिम्युलेटेड ब्लैकआउट लागू किया जाएगा।
ब्लैकआउट के दौरान चिन्हित क्षेत्रों में आम लोगों से सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद रखने को कहा जाएगा। हालांकि, आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, ताकि अस्पतालों, आपात सेवाओं और अन्य जरूरी संस्थानों का काम प्रभावित न हो।
‘ऑल क्लियर’ सायरन से होगा अभ्यास समाप्त
मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद लगातार हाई-पिच वाला दो मिनट का ‘ऑल क्लियर’ सायरन बजाया जाएगा। यह संकेत देगा कि अभ्यास पूरा हो चुका है और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू की जा सकती हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों को सायरन के अलग-अलग संकेतों को समझने और अभ्यास के दौरान अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
आग बुझाने और बचाव अभियान भी होंगे शामिल
यह अभ्यास केवल एयर रेड और ब्लैकआउट तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का सिमुलेशन किया जाएगा। इनमें फायर रिस्पॉन्स ऑपरेशन, सर्च एंड रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा सहायता, घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना तथा ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
इन गतिविधियों के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि किसी आपात स्थिति में विभिन्न विभाग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से एक-दूसरे के साथ समन्वय कर सकते हैं।
चिन्हित क्षेत्रों में लोगों से सहयोग की अपील
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकआउट सभी स्थानों पर एक समान लागू नहीं होगा। संबंधित जिला प्रशासन द्वारा मॉक एक्सरसाइज के लिए चिन्हित क्षेत्रों में ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अभ्यास किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अभ्यास के दौरान घबराने की जरूरत नहीं है। नागरिकों से शांत रहने, अधिकारियों के साथ सहयोग करने और जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
राज्यव्यापी अभ्यास से प्रशासन को आपात स्थिति में चेतावनी प्रणाली, सार्वजनिक प्रतिक्रिया, बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की वास्तविक स्थिति का आकलन करने का अवसर मिलेगा।
अभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों और चुनौतियों के आधार पर नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी वास्तविक खतरे की सूचना देना नहीं, बल्कि संभावित आपात परिस्थितियों के लिए प्रशासन और आम जनता को तैयार रखना है।
पंजाब सरकार ने लोगों से अपील की है कि 27 नवंबर को रात 8 बजे होने वाले इस अभ्यास को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन का सहयोग करें, लेकिन इसे लेकर किसी प्रकार की अफवाह या भय न फैलाएं।
