5 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : केंद्र सरकार ने GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं के विज्ञापनों पर निगरानी कड़ी कर दी है। सरकार का उद्देश्य भ्रामक दावों, बिना वैज्ञानिक प्रमाण वाले प्रचार और अनियंत्रित मार्केटिंग पर रोक लगाना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में GLP-1 दवाओं का उपयोग वजन घटाने के लिए तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही इन दवाओं को लेकर सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों पर कई ऐसे विज्ञापन सामने आए हैं, जिनमें इनके प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
सरकार ने संबंधित एजेंसियों और दवा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि विज्ञापनों में केवल वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जानकारी ही दी जाए। बिना मंजूरी वाले दावे, चमत्कारी परिणामों का प्रचार या लोगों को गुमराह करने वाली सामग्री पर कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि GLP-1 दवाएं हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होतीं और इनका उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए। इन दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव और चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सरकार का मानना है कि सख्त निगरानी से उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिलेगी और दवाओं के अनुचित उपयोग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
