4 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  हेपेटाइटिस की समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिशन ‘डिफीट हेपेटाइटिस’ के तहत स्क्रीनिंग अभियान का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मकसद अधिक से अधिक लोगों की जांच कर संक्रमण का जल्द पता लगाना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियां शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रहती हैं। ऐसे में नियमित जांच के जरिए संक्रमण की पहचान कर गंभीर जटिलताओं, जैसे लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर, के खतरे को कम किया जा सकता है।

अभियान के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और विशेष शिविरों में जोखिम वाले समूहों सहित आम लोगों की जांच पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को हेपेटाइटिस से बचाव, टीकाकरण और सुरक्षित जीवनशैली के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से हेपेटाइटिस से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से बिना लक्षण होने पर भी जोखिम की स्थिति में जांच कराने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक स्क्रीनिंग सेवाएं पहुंचाकर हेपेटाइटिस संक्रमण को नियंत्रित करना और देश में इससे होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है।

Bharat Baani Bureau

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