18 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आज की लाइफस्टाइल में लंबे समय तक बैठकर काम करना आम हो गया है। ऑफिस में कई घंटे कुर्सी पर बैठना, घर पर स्क्रीन टाइम और कम शारीरिक गतिविधि शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति सप्ताह में कुछ घंटे अच्छी एक्सरसाइज कर ले, तो क्या वह लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान की भरपाई कर सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ कुछ घंटों की एक्सरसाइज लंबे समय तक बैठे रहने के सभी नकारात्मक प्रभावों को खत्म नहीं कर सकती। कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए नियमित एक्सरसाइज के साथ पूरे दिन शरीर को सक्रिय रखना भी जरूरी है। Johns Hopkins Medicine के अनुसार, रोजाना वर्कआउट करने के बावजूद दिन का अधिकांश समय बैठे रहने से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

एक्सरसाइज और रोजाना की गतिविधि में अंतर

विशेषज्ञ एक्सरसाइज और दैनिक शारीरिक गतिविधि को अलग-अलग मानते हैं। एक्सरसाइज में जानबूझकर ऐसी गतिविधियां करना शामिल है, जिससे हृदय गति बढ़े, मांसपेशियां मजबूत हों और शरीर की फिटनेस बेहतर हो। वहीं, दैनिक गतिविधि में चलना, सीढ़ियां चढ़ना, घर के काम करना और लंबे समय तक एक ही जगह न बैठना शामिल है।

यानी यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में कुछ घंटे जिम या तेज वॉक करता है, लेकिन बाकी समय लगातार बैठा रहता है, तो उसे उतना लाभ नहीं मिल सकता जितना नियमित एक्सरसाइज के साथ दिनभर सक्रिय रहने से मिलता है।

लंबे समय तक बैठना क्यों चिंता की बात है?

लंबे समय तक बैठे रहने को हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। एक बड़े अध्ययन में करीब 90,000 लोगों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि जो लोग रोजाना 10.6 घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते थे, उनमें कम बैठने वालों की तुलना में हार्ट फेल्योर और हृदय संबंधी मृत्यु का जोखिम अधिक था।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि सिर्फ निर्धारित मात्रा में एक्सरसाइज पूरा कर लेना लंबे समय तक बैठे रहने से जुड़े सभी जोखिमों को पूरी तरह खत्म नहीं करता। हालांकि शारीरिक गतिविधि से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, लेकिन अत्यधिक बैठे रहने को कम करना भी अलग से जरूरी है।

क्या 2 घंटे की एक्सरसाइज बेकार है?

बिल्कुल नहीं। दो घंटे की एक्सरसाइज निश्चित रूप से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय की फिटनेस, ब्लड प्रेशर, वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है।

लेकिन समस्या तब होती है जब कोई व्यक्ति कुछ घंटे एक्सरसाइज करने के बाद बाकी पूरा दिन निष्क्रिय रहता है। विशेषज्ञों का संदेश है कि “एक्सरसाइज करें और कम बैठें”—दोनों को साथ लेकर चलना ज्यादा बेहतर है।

Mayo Clinic लंबे समय तक बैठने वालों को हर घंटे 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेकर स्ट्रेचिंग या हल्की गतिविधि करने की सलाह देता है।

दिनभर ज्यादा एक्टिव कैसे रहें?

इसके लिए जिम जाना ही जरूरी नहीं है। काम के दौरान हर घंटे कुछ मिनट चलना, फोन पर बात करते समय खड़े रहना, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और छोटे-छोटे वॉक ब्रेक लेना उपयोगी हो सकता है।

Johns Hopkins के विशेषज्ञ हर घंटे लगभग पांच मिनट चलने जैसी गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि एक साथ सारे कदम पूरे करने के बजाय दिनभर गतिविधि को फैलाना बेहतर है।

कितनी एक्सरसाइज जरूरी है?

आम तौर पर वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि या 75 मिनट की जोरदार गतिविधि की सलाह दी जाती है। इसके साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां भी उपयोगी हैं।

हालांकि, इसे पूरे सप्ताह में बांटकर करना बेहतर हो सकता है। उदाहरण के लिए, रोजाना तेज चलना और बीच-बीच में छोटे मूवमेंट ब्रेक लेना लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को कम करने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष

तो क्या 2 घंटे की एक्सरसाइज 5 दिन बैठने के नुकसान को पूरी तरह खत्म कर सकती है? नहीं। एक्सरसाइज बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन यह लंबे समय तक बैठे रहने का पूरा विकल्प नहीं है।

दिल की सेहत के लिए बेहतर रणनीति है कि नियमित वर्कआउट के साथ पूरे दिन छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लिए जाएं। यानी सिर्फ जिम में पसीना बहाना ही पर्याप्त नहीं है—बैठने का समय कम करना और रोजाना ज्यादा चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Bharat Baani Bureau

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