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11 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 में वैश्विक भुगतान कंपनी Visa ने डिजिटल और सीमा-पार भुगतान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल सामने रखीं। इनमें PhonePe के साथ साझेदारी के तहत Tap to Pay, Cross Border Scan to Pay और Smart Accept जैसी सेवाएं प्रमुख हैं। इन पहलों का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के लिए भुगतान को अधिक आसान, कार्डलेस, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर उपयोगी बनाना है।

Global Fintech Fest 2026 का आयोजन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई के Jio World Centre में किया गया। इस साल सम्मेलन का मुख्य फोकस Agentic AI, Tokenisation और Quantum Technologies के जरिए भरोसेमंद और जुड़े हुए वैश्विक वित्तीय सिस्टम तैयार करने पर रहा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में 80 से अधिक देशों, 5,000 से ज्यादा स्टार्टअप और 1,200 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी रही।

PhonePe के साथ Visa की रणनीतिक साझेदारी

Visa और PhonePe ने GFF 2026 के मंच पर तीन नई भुगतान सुविधाओं की घोषणा की। यह साझेदारी ऑनलाइन खरीदारी, दुकानों पर भुगतान और विदेश यात्रा के दौरान भुगतान—तीनों क्षेत्रों को एक ही डिजिटल अनुभव से जोड़ने की कोशिश है।

इस साझेदारी के तहत PhonePe भारत का पहला ऐप बनने जा रहा है, जो Visa की Cross Border Scan to Pay सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर Visa की Online Device Tokenization, Tap to Pay और Cross Border QR Payment क्षमताओं को एक साथ लाया गया है।

Visa के इंडिया और साउथ एशिया ग्रुप कंट्री मैनेजर सुरेश सेठी ने कहा कि भारत वैश्विक डिजिटल पेमेंट क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और कंपनी का लक्ष्य विश्वसनीय, सुरक्षित और frictionless commerce को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सीमाओं के पार भी आसान बनाना है।

Tap to Pay: कार्ड जेब में रखने की जरूरत कम

नई सुविधाओं में Tap to Pay सबसे महत्वपूर्ण है। इसके जरिए Android उपयोगकर्ता अपने Visa कार्ड को PhonePe पर tokenize कर सकते हैं और POS मशीन पर स्मार्टफोन टैप करके contactless payment कर सकते हैं।

इस सुविधा का rollout 9 सितंबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है। कंपनियों के मुताबिक इसे ऐसे वातावरण में भी काम करने के लिए डिजाइन किया गया है जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी सीमित हो। इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को रोजमर्रा के भुगतान के लिए हर समय भौतिक कार्ड साथ रखने की जरूरत कम हो सकती है।

Tokenization में कार्ड की वास्तविक जानकारी को सुरक्षित डिजिटल टोकन से बदला जाता है। इससे व्यापारी के साथ लेनदेन के दौरान वास्तविक कार्ड विवरण साझा किए बिना भुगतान किया जा सकता है।

विदेश यात्रा में Cross Border Scan to Pay

Visa और PhonePe की दूसरी बड़ी पहल Cross Border Scan to Pay है। इसके जरिए भारतीय उपयोगकर्ता विदेशों में Visa-supported QR codes को स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे।

शुरुआती rollout में 14 अंतरराष्ट्रीय बाजार शामिल किए गए हैं। इनमें सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, श्रीलंका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं। सुविधा को चरणबद्ध तरीके से उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाना है।

इसका सबसे बड़ा फायदा विदेश जाने वाले भारतीय यात्रियों को हो सकता है। अलग-अलग देशों में भुगतान के लिए भौतिक कार्ड या स्थानीय भुगतान साधन पर निर्भरता कम हो सकती है और QR आधारित भुगतान अधिक सहज बनाया जा सकता है।

छोटे कारोबारियों के लिए Smart Accept

Visa और PhonePe ने Smart Accept भी पेश किया है, जिसका लक्ष्य छोटे कारोबारियों और micro-merchants को कार्ड भुगतान स्वीकार करने की सुविधा देना है।

Smart Accept के जरिए कारोबारी अपने स्मार्टफोन को ही कार्ड स्वीकार करने वाले उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए अलग POS मशीन खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राहक physical card या tokenized mobile wallet को व्यापारी के स्मार्टफोन पर टैप करके भुगतान कर सकेगा।

यह पहल विशेष रूप से छोटे दुकानदारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि POS मशीन खरीदने और उसके रखरखाव की लागत उनके लिए एक अतिरिक्त बोझ हो सकती है। PhonePe के मुताबिक Smart Accept को उसके मौजूदा QR dashboard के साथ integrate किया गया है, जिससे reconciliation और dispute management भी आसान बनाया जा सकता है।

Online Tokenization से ‘Save Once, Use Everywhere’

PhonePe और Visa की साझेदारी में Online Device Tokenization भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। PhonePe ने Visa Device Tokenization की शुरुआत फरवरी 2025 में की थी। अब नई सेवाओं के साथ इसे एक व्यापक cardless payment ecosystem का हिस्सा बनाया गया है।

इस व्यवस्था के तहत उपयोगकर्ता अपने Visa कार्ड को एक बार सुरक्षित तरीके से tokenize करने के बाद भाग लेने वाले ऑनलाइन व्यापारियों पर भुगतान कर सकते हैं। इसका उद्देश्य checkout प्रक्रिया को तेज और अधिक सुरक्षित बनाना है।

Agentic Commerce की ओर बढ़ता भुगतान उद्योग

GFF 2026 में Visa की घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं जब भुगतान उद्योग तेजी से AI-powered और agentic commerce की दिशा में बढ़ रहा है। सम्मेलन के मुख्य विषयों में भी Agentic AI को प्रमुख स्थान दिया गया था।

Visa, Mastercard और Ant International ने भी इस सप्ताह AI agents द्वारा किए जाने वाले भुगतानों के लिए एक साझा trust framework विकसित करने की पहल की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ता की ओर से खरीदारी करने वाले AI agents की पहचान और verification भरोसेमंद तरीके से हो सके।

यह बदलाव इस बात का संकेत है कि भविष्य में डिजिटल भुगतान केवल व्यक्ति और व्यापारी के बीच होने वाला लेनदेन नहीं रहेगा। AI systems भी खरीदारी की खोज, उत्पाद चयन और भुगतान प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में identity, consent, security और fraud prevention का महत्व और बढ़ेगा।

भारत के लिए बड़ा अवसर

Visa की GFF घोषणाएं भारत के तेजी से विकसित होते digital payments ecosystem के व्यापक बदलाव का हिस्सा हैं। UPI, tokenization, QR payments और contactless technology ने भारत में भुगतान के तरीके को तेजी से बदला है।

हाल ही में NPCI ने UPI में tap-and-pay सुविधा भी शुरू की है, जिससे उपयोगकर्ता POS terminal पर स्मार्टफोन टैप करके भुगतान कर सकते हैं। अगस्त 2026 में UPI पर 24.51 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये रहा।

ऐसे माहौल में Visa और PhonePe की साझेदारी भारत के घरेलू डिजिटल भुगतान बाजार को वैश्विक भुगतान नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आगे क्या?

GFF 2026 में Visa की घोषणाओं से स्पष्ट है कि अगली पीढ़ी के भुगतान में तीन चीजें महत्वपूर्ण होने जा रही हैं—कार्डलेस अनुभव, सीमा-पार भुगतान और AI आधारित commerce

Tap to Pay उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के भुगतान को आसान बना सकता है, Cross Border Scan to Pay भारतीय यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान को सरल बना सकता है और Smart Accept छोटे कारोबारियों के लिए card acceptance की लागत घटा सकता है।

अगर इन सेवाओं का विस्तार बड़े पैमाने पर होता है, तो भारत न केवल डिजिटल भुगतान के मामले में अग्रणी बाजार बना रह सकता है, बल्कि वैश्विक fintech innovation के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयोगशाला के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।

Bharat Baani Bureau

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