15 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): पंजाब पहली बार प्रतिष्ठित एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि यह आयोजन पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा और दुनिया के सामने राज्य की हॉकी विरासत को और मजबूती से पेश करेगा। टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली और जालंधर में खेले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब दशकों से भारतीय हॉकी को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देने वाली प्रमुख नर्सरी रहा है। ऐसे में पहली बार राज्य में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और विशेष रूप से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि सरकार टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मोहाली और जालंधर बनेंगे हॉकी के केंद्र
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले पंजाब के दो प्रमुख हॉकी केंद्रों में आयोजित किए जाएंगे। मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी देखने को मिलेगी।
हालिया जानकारी के मुताबिक टूर्नामेंट का आयोजन अक्टूबर के अंत से नवंबर की शुरुआत के बीच प्रस्तावित है। रिपोर्टों में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक की अवधि बताई गई है, जबकि पंजाब सरकार की ओर से कुछ मौकों पर 26 अक्टूबर से 3 नवंबर की तारीखों का भी उल्लेख किया गया है। अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मैचों का शेड्यूल तय किया जाएगा।
छह देशों की टीमें लेंगी हिस्सा
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की शीर्ष हॉकी टीमों के बीच मुकाबला होगा। मौजूदा घोषणा के अनुसार भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की छह टीमें टूर्नामेंट में भाग लेंगी।
टूर्नामेंट को लेकर सबसे अधिक चर्चा भारत और पाकिस्तान के संभावित मुकाबले को लेकर है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले कहा था कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला पंजाब दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल संबंधों पर अलग-अलग प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देश बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।
पाकिस्तान हॉकी टीम के भारत आने की पुष्टि भी हो चुकी है। इससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।
पंजाब की हॉकी विरासत को मिलेगा नया मंच
पंजाब का भारतीय हॉकी से बेहद पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। इसके बावजूद पंजाब में पहले एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को इसी ऐतिहासिक कमी को दूर करने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच पंजाब में होने से राज्य की हॉकी संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पंजाब सरकार की व्यापक खेल नीति का भी हिस्सा है। राज्य ने खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की घोषणा की है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान विकसित करने और युवाओं को खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब ने वर्ष 2026 को खेल और खिलाड़ियों को समर्पित किया है। राज्य में ग्रामीण खेल मैदानों के विकास के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए सहायता देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
हर साल अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजन की योजना
पंजाब सरकार ने केवल एशियन चैंपियंस ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि राज्य में भविष्य में फोर-नेशन हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन भी हर साल किया जाएगा।
इसका उद्देश्य पंजाब को अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के स्थायी केंद्र के रूप में विकसित करना और खिलाड़ियों को नियमित रूप से उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अवसर उपलब्ध कराना है।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी केवल खेल आयोजन नहीं बल्कि नई पीढ़ी को खेलों के प्रति आकर्षित करने का माध्यम भी है। पंजाब के गांवों में बड़ी संख्या में युवा हॉकी और अन्य खेलों से जुड़े हैं। ऐसे में विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को अपने राज्य में खेलते हुए देखना उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
सरकार का लक्ष्य खेलों को नशे के खिलाफ अभियान से भी जोड़ना है। ग्रामीण स्तर पर खेल मैदानों और सुविधाओं के विस्तार को युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन का प्रभाव खेल के मैदान तक सीमित नहीं रहेगा। देश-विदेश से आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया और दर्शकों के कारण मोहाली और जालंधर में होटल, परिवहन, रेस्तरां और अन्य स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है।
इसके अलावा, पंजाब की संस्कृति, खान-पान और हॉकी विरासत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा। इससे राज्य की खेल पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है।
‘रंगला पंजाब’ के खेल संस्करण की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने आयोजन को पंजाब की पहचान और खेल संस्कृति से जोड़ते हुए कहा है कि राज्य को खेलों के माध्यम से फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की सफल मेजबानी पंजाब के लिए केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं होगी, बल्कि यह इस बात की परीक्षा भी होगी कि राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए अपनी आधारभूत सुविधाओं, आयोजन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को किस स्तर तक मजबूत कर पाता है।
अगर आयोजन सफल रहता है, तो पंजाब के लिए भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंटों की मेजबानी के दरवाजे खुल सकते हैं। साथ ही, यह पंजाब की पुरानी हॉकी परंपरा को आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे और नई पीढ़ी की प्रतिभा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
