17 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो)। पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को मलोट में राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे की समस्या से निपटना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार की कार्रवाई के साथ जागरूकता, पुनर्वास और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है।
सरकार की कार्रवाई के साथ सामाजिक सहयोग पर जोर
कार्यक्रम में डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गांवों और शहरी क्षेत्रों में एंटी-ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस द्वारा नशे से संबंधित सूचनाएं देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे से संबंधित गतिविधियों से जुड़ी अवैध संपत्तियों और अनधिकृत निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील
डॉ. बलजीत कौर ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं ने खेल, रक्षा सेवाओं, कृषि और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और वे स्वस्थ एवं प्रगतिशील पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उनका कोई मित्र या साथी नशे की ओर बढ़ रहा है, तो उसे अलग-थलग करने के बजाय समझाने और सही दिशा में लाने का प्रयास किया जाए। साथ ही उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों, पंचायतों, युवा क्लबों और सामाजिक संगठनों से भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
100 से अधिक खेल किट वितरित
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए 100 से अधिक खेल किट वितरित की गईं। नशामुक्ति के क्षेत्र में काम कर रहे ‘नशा मुक्ति मित्रों’ को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। आयोजकों के अनुसार, खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। ‘आओ कोशिश करिए’ नामक नाटक के माध्यम से नशे के सामाजिक प्रभावों को सामने रखा गया। विद्यार्थियों ने मलवई गिद्धा और कोरियोग्राफी प्रस्तुत की, जबकि एकल नृत्य के माध्यम से भी नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया।
युवाओं और उपस्थित लोगों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने युवाओं, खिलाड़ियों, ‘युद्ध क्लबों’ के सदस्यों और अन्य उपस्थित लोगों को नशे के खिलाफ संकल्प भी दिलाया। इस दौरान स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) देवी गोयल, एसडीएम पंकज कुमार, पंजाब कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन जगदेव सिंह बाम, जिला योजना समिति के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह काउनी, मार्केट कमेटी मलोट के चेयरमैन जशन बराड़ और चेयरमैन सिमरजीत सिंह लखेवाली सहित प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और युवा क्लबों के सदस्य मौजूद रहे।
अभियान को जन आंदोलन बनाने की दिशा में प्रयास
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकार की ओर से नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। मलोट में आयोजित कार्यक्रम में भी यही संदेश प्रमुख रहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकारी संस्थाओं के साथ परिवारों, स्कूलों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा।
डॉ. बलजीत कौर ने लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही नशे के खिलाफ लड़ाई को व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।
