26 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शुमार सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के वर्षों बाद भी फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली को महत्व देते हैं। 53 वर्ष की उम्र में उनकी फिटनेस को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हुई है। हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सचिन ने अपने खान-पान से चीनी और जंक फूड को दूर रखने पर जोर दिया है। उनकी फिटनेस दिनचर्या में वेट ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग, योग और क्रिकेट खेलना शामिल बताया गया है।
सचिन का उदाहरण बताता है कि फिट रहने के लिए केवल कठिन व्यायाम करना ही जरूरी नहीं, बल्कि नियमित शारीरिक गतिविधि और खान-पान में संतुलन भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, उनकी निजी दिनचर्या से जुड़ी सभी जानकारियों को उनकी ओर से हाल में दी गई आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
चीनी से दूरी और जंक फूड से परहेज
सचिन की फिटनेस से जुड़ी रिपोर्टों में चीनी छोड़ने को उनकी प्रमुख आदतों में से एक बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, वह चीनी और जंक फूड से दूरी बनाए रखने की कोशिश करते हैं। ज्यादा मात्रा में अतिरिक्त चीनी का सेवन कैलोरी की खपत बढ़ा सकता है और लंबे समय में वजन बढ़ने तथा चयापचय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
हालांकि, चीनी छोड़ना अपने आप में वजन घटाने या डायबिटीज से बचाव की गारंटी नहीं है। व्यक्ति की संपूर्ण डाइट, शारीरिक गतिविधि, नींद और अन्य स्वास्थ्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं। फलों और दूध जैसे खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से मौजूद शर्करा को मिठाइयों और मीठे पेय में मिलाई गई चीनी के समान नहीं समझना चाहिए।
स्वस्थ खान-पान के लिए मीठे पेय, मिठाइयों और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना उपयोगी कदम हो सकता है। इसके साथ भोजन में सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना भी जरूरी है।
वेट ट्रेनिंग से मजबूत रखते हैं शरीर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सचिन के वर्कआउट में डम्बल स्क्वाट्स, लेग प्रेस, केबल रोप पुलओवर, स्ट्रेचिंग और योग जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये गतिविधियां शरीर की अलग-अलग मांसपेशियों को सक्रिय करने और ताकत तथा लचीलेपन को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग रोजमर्रा के काम करने, संतुलन बनाए रखने और शारीरिक क्षमता को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति के लिए सचिन जैसा वर्कआउट करना जरूरी या उपयुक्त नहीं है। शुरुआती लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार हल्के अभ्यास से शुरुआत करनी चाहिए। यदि किसी को पहले से चोट, जोड़ों का दर्द या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
रोजाना 30 मिनट की गतिविधि से करें शुरुआत
सचिन से जुड़ी फिटनेस रिपोर्टों में यह सलाह भी दी गई है कि जो लोग जिम नहीं जा सकते, वे रोजाना लगभग 30 मिनट पैदल चलने या दौड़ने से शुरुआत कर सकते हैं।
पैदल चलना एक आसान गतिविधि है, जिसके लिए विशेष उपकरणों की जरूरत नहीं होती। इसे व्यक्ति अपनी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार धीमी या तेज गति से कर सकता है। नियमित रूप से चलने से हृदय स्वास्थ्य, गतिशीलता और सामान्य फिटनेस को लाभ मिल सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में 150 से 300 मिनट तक मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करनी चाहिए। इसके अलावा, सप्ताह में कम से कम दो दिन प्रमुख मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम शामिल करने की सलाह दी जाती है। शुरुआत करने वाले लोग धीरे-धीरे अपनी गतिविधि बढ़ा सकते हैं।
संन्यास के बाद भी क्रिकेट से जुड़ाव
सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव बना हुआ है। हालिया फिटनेस रिपोर्टों में उनके मनोरंजन के लिए क्रिकेट खेलने और मैदान पर उतरने से पहले वार्म-अप करने का भी उल्लेख है।
खेलों के माध्यम से सक्रिय रहना व्यायाम को नियमित आदत बनाने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन, साइकिलिंग, तैराकी या तेज चाल से चलना भी शारीरिक गतिविधि बढ़ाने में मदद कर सकता है। सबसे जरूरी है कि व्यक्ति ऐसी गतिविधि चुने, जिसे वह सुरक्षित तरीके से और नियमित रूप से कर सके।
खान-पान में संतुलन भी जरूरी
सचिन के खान-पान से जुड़ी रिपोर्टों में दलिया, दूध, किशमिश, फल, सलाद, मछली या पनीर जैसे खाद्य पदार्थों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों में उनके आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और स्वस्थ वसा के संतुलन की भी बात कही गई है।
कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और रखरखाव में मदद करता है, जबकि स्वस्थ वसा शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होती है। हालांकि, हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए किसी खिलाड़ी की डाइट को बिना अपनी जरूरतों पर विचार किए अपनाना उचित नहीं है।
फिटनेस का असली मंत्र है निरंतरता
सचिन तेंदुलकर की फिटनेस से जुड़ी रिपोर्टों का व्यापक संदेश यह है कि स्वस्थ जीवनशैली किसी एक बदलाव से नहीं बनती। अतिरिक्त चीनी कम करना, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और शरीर को आराम देना—इन सभी का अपना महत्व है।
53 वर्ष की उम्र में सक्रिय रहने के लिए किसी पेशेवर खिलाड़ी की पूरी दिनचर्या अपनाना जरूरी नहीं है। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित चलना, सप्ताह में कुछ दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना और खान-पान पर ध्यान देना भी अच्छी शुरुआत हो सकती है। लंबे समय तक फिट रहने में सबसे अहम भूमिका उन आदतों की होती है, जिन्हें व्यक्ति लगातार अपनी जिंदगी का हिस्सा बना सके।
