16 जून  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  सदियों से दुनिया भर की संस्कृतियों में बच्चों को सुलाने के लिए लोरियों (Lullabies) का उपयोग किया जाता रहा है। हालांकि यह परंपरा केवल सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं। हालिया शोध बताते हैं कि धीमा और मधुर संगीत मस्तिष्क तथा शरीर को आराम की स्थिति में लाकर नींद को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लोरियां आमतौर पर धीमी लय, दोहराव वाले सुर और कोमल ध्वनियों पर आधारित होती हैं। ये विशेषताएं मस्तिष्क को सुरक्षा और स्थिरता का संकेत देती हैं, जिससे तनाव और बेचैनी कम हो सकती है।

अध्ययनों में पाया गया है कि शांत संगीत सुनने से हृदय गति और श्वास की गति धीरे-धीरे कम हो सकती है। यह शरीर को आराम की अवस्था में पहुंचाने में मदद करता है, जो नींद आने की प्रक्रिया के लिए अनुकूल माना जाता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि संगीत मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित करता है जो भावनाओं, स्मृति और तनाव नियंत्रण से जुड़े होते हैं। जब कोई व्यक्ति शांत और परिचित धुन सुनता है, तो उसे मानसिक आराम महसूस हो सकता है।

लोरियों का प्रभाव केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। कई शोधों में पाया गया है कि वयस्कों को भी सोने से पहले धीमा और सुकून देने वाला संगीत सुनने से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संगीत तनाव हार्मोन के स्तर को कम करने और आराम से जुड़े जैविक संकेतों को बढ़ावा देने में भूमिका निभा सकता है। यही कारण है कि कई लोग तनावपूर्ण दिन के बाद संगीत का सहारा लेते हैं।

इसके अलावा, लोरियां माता-पिता और बच्चों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करती हैं। बच्चे के लिए माता या पिता की आवाज सुरक्षा और स्नेह का अनुभव कराती है, जिससे वह अधिक सहज महसूस करता है।

हालांकि वैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि हर व्यक्ति की संगीत पसंद अलग होती है। इसलिए जो संगीत एक व्यक्ति को शांत महसूस कराता है, वह दूसरे व्यक्ति पर समान प्रभाव नहीं डाल सकता।

नींद विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से पहले बहुत तेज, उत्तेजक या उच्च ऊर्जा वाला संगीत सुनने से बचना चाहिए। इसके बजाय धीमी गति और शांत धुनों वाले संगीत का चयन अधिक लाभकारी हो सकता है।

आजकल कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विशेष रूप से नींद के लिए तैयार किए गए संगीत और साउंडस्केप उपलब्ध कराते हैं। इनका उद्देश्य मस्तिष्क को शांत करना और नींद की प्रक्रिया को आसान बनाना होता है।

कुल मिलाकर, विज्ञान यह संकेत देता है कि लोरियां और शांत संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे मानसिक और शारीरिक विश्राम को बढ़ावा देकर बेहतर नींद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Bharat Baani Bureau

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